News Saga Desk
पटना | बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों के ऐलान के बाद राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को 1 अणे मार्ग स्थित सीएम आवास पर जदयू की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई, जो करीब 45 मिनट तक चली। बैठक में वरिष्ठ नेता और मंत्री विजय चौधरी, संजय झा समेत संगठन से जुड़े कई प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए। चर्चा का मुख्य विषय था — टिकट बंटवारा, उम्मीदवार चयन और चुनावी रणनीति।
कमजोर प्रदर्शन करने वाले विधायकों की कट सकती है टिकट
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि इस बार उम्मीदवारों का चयन पूरी पारदर्शिता और ग्राउंड सर्वे रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा। जिन विधायकों का प्रदर्शन कमजोर रहा है या जिनकी छवि विवादों में रही है, उनका टिकट काटा जा सकता है। वहीं, पार्टी महिलाओं और युवाओं को अधिक अवसर देने के पक्ष में है।
उम्मीदवारों पर अंतिम फैसला नीतीश कुमार करेंगे
बैठक में हर विधानसभा क्षेत्र की समीक्षा की गई। जदयू ने अपनी पारंपरिक सीटों और संभावित नई सीटों के लिए तीन-तीन नामों का पैनल तैयार किया है, जिस पर अंतिम मुहर खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगाएंगे। सीटवार समीक्षा के दौरान एनडीए सहयोगी दलों के साथ तालमेल और सीट शेयरिंग पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
विजय चौधरी और संजय झा को मिली बड़ी जिम्मेदारी
विजय चौधरी और संजय झा को पूरी चुनावी प्रक्रिया के समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विजय चौधरी उम्मीदवार चयन और रणनीति के तकनीकी पहलुओं की निगरानी कर रहे हैं, जबकि संजय झा संगठन स्तर पर अभियान को गति दे रहे हैं।
नीतीश कुमार का फोकस “परफॉर्मेंस और पब्लिक कनेक्शन” पर
मुख्यमंत्री ने पार्टी नेताओं से कहा कि वे जनता के बीच जाएं, सरकार की उपलब्धियों को बताएं और विपक्ष के आरोपों का तथ्यों के साथ जवाब दें। नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि इस बार टिकट उन्हीं नेताओं को मिलेगा जिनकी जनता से सीधा जुड़ाव है और जिन्होंने अपने क्षेत्र में मजबूत प्रदर्शन किया है।
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