News Saga Desk
सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा सहित पांच कुख्यात अपराधी गिरफ्तार
रांची : कुख्यात प्रिंस खान और गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के गैंग एक साथ मिलकर झारखंड में अपराध की दुनिया में काम कर रहे हैं। रांची पुलिस ने मंगलवार को यह सनसनीखेज खुलासा किया गया है। मामले में कार्रवाई करते हुए रांची पुलिस के द्वारा सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा सहित पांच कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। बताया गया कि जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा और विदेश से अपने गैंग को हैंडल कर रहे प्रिंस खान ने एक दूसरे से हाथ मिला लिया है। जेल के बाहर सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा इस खतरनाक गठजोड़ वाले गैंग को संभाल रही थी।
राजधानी रांची में हाल के दिनों में जो भी रंगदारी के कॉल प्रिंस खान के नाम पर किये गये थे वह इस गठजोड़ का ही परिणाम था। यहां तक कि कोयलांचल शांति सेना को भी रिया सिन्हा के द्वारा संचालित किया जा रहा था। रांची के सीनियर एसपी राकेश रंजन और उनकी टीम के द्वारा यह खुलासा किया गया है।
मामले में कार्रवाई करते हुए रांची पुलिस के द्वारा सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं चार अन्य अपराधियों को भी गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अपराधियों में इनामुल हक उर्फ बबलू खान, रवि आनंद उर्फ सिंघा, मो शाहिद उर्फ अफरीदी खान, मो सेराज उर्फ मदन और सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा शामिल हैं। इनके पास से तीन पिस्टल, सात मैगजीन, 13 जिंदा गोली, एक टाटा सफारी कार, एक आईफोन और पांच एंड्रॉएड मोबाईल फोन बरामद किये गये हैं।
पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से पंजाब आता है हथियार
रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि सख्ती से पूछताछ करने पर गिरफ्तार व्यक्तियों के द्वारा बताया गया कि सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान गैंग के पास हथियार और गोली पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से मोगा (पंजाब) के रास्ते आता है। इसी हथियार से रांची सहित देश के विभिन्न स्थानों पर बड़े-बड़े कारोबारियों, पूंजीपतियों एवं व्यवसायियों में दहशत फैलाकर रंगदारी की वसूली करते हैं। रांची में इनामुल हक उर्फ बबलू खान अपने गुर्गों के साथ मिलकर सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान के लिए लेवी वसूली का काम करते हैं।
इन लोगों के द्वारा वसूली गयी राशि को सुजीत सिन्हा के गुर्गों की मदद से प्रिंस खान तक पहुंचाया जाता था। जिसे प्रिंस खान द्वारा यूएइ के रास्ते पाकिस्तान भेज दिया जाता था। जिसका उपयोग अवैध हथियार की खरीदारी और अन्य अवैध कार्यों में पाकिस्तान में मौजूद उनके गुर्गों के द्वारा किया जाता है। इस संबंध में सदर थाना (बीआइटी मेसरा ओपी) कांड संख्या 512/2025, दिनांक- 22.10.2025, धारा 111(3)/111 (4)/61 (2) भारतीय न्याय संहिता, 25(1-ए )/25(1-बी)ए/25(6)/25(7)/26/35 आर्म्स एक्ट और 17/18/18(बी)/20/21 यूए (पी ) एक्ट दर्ज किया गया है। उल्लेखनीय है कि डोरंडा थाना अंतर्गत सत्यभामा अपार्टमेंट के बाहर हुई हवाई फायरिंग के लिए हथियार इन लोगों के द्वारा ही दिया गया था।
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