News Saga Desk
हरिद्वार : ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पी. चन्द्र शेखर ने आज केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर–सीबीआरआई), रुड़की में देश का पहला 3डी कंक्रीट प्रिंटेड ग्रामीण आवास का उद्धघाटन किया। वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और हितधारकों को संबोधित करते हुए डॉ. पेम्मासानी चन्द्र शेखर ने कहा कि कच्ची दीवारों से 3डी प्रिंटिंग तक, भारत ने सभी के लिए सुरक्षित, मजबूत और टिकाऊ घर उपलब्ध कराने की अटूट प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। ये 3डी प्रिंटेड घर केवल तकनीक नहीं हैं, बल्कि एक ऐसे भविष्य का प्रतीक हैं, जहां आवास सस्ता, अनुकूलनशील और पर्यावरण अनुकूल होगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए डॉ. शेखर ने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक 3.85 करोड़ मकान स्वीकृत हुए हैं और 2.87 करोड़ पूरे हो चुके हैं। स्वतंत्र आकलनों से यह भी सामने आया है कि ग्रामीण परिवारों की आय में 17% की वृद्धि हुई है, अस्पताल जाने के मामलों में 14% की कमी आई है और 72% घर महिलाओं के नाम पर हैं, जिससे महिला सशक्तिकरण और पारिवारिक कल्याण को मजबूती मिली है।सीबीआरआई के योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि संस्थान ने 250 क्षेत्र-विशिष्ट आपदा-रोधी आवासीय डिज़ाइन तैयार किए हैं। इसके अतिरिक्त, गैर-क्षरणशील मिट्टी का पलस्तर, कम लागत वाली मजबूती तकनीकें और दो-गड्ढा शौचालय प्रणाली जैसे नवाचारों ने पाँच करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत गरिमापूर्ण जीवन जीने में सक्षम बनाया है।
इस अवसर पर उन्होंने “रुद्राक्ष – उत्तराखंड में ग्रामीण आवास” नामक पुस्तक का विमोचन भी किया, जिसमें उत्तराखंड राज्य की सांस्कृतिक रूप से जुड़ी, टिकाऊ और जलवायु – संवेदनशील आवासीय परंपराओं का संकलन है। उन्होंने कहा “विकास केवल मकान बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे घर बनाने के बारे में है जो रोशनी, गरिमा और आत्मनिर्भरता से भरे हों। उद्धघाटन समारोह में सीएसआईआर–सीबीआरआई के वरिष्ठ वैज्ञानिक, आईआईटी रुड़की के संकाय सदस्य, ग्रामीण विकास मंत्रालय के प्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
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