News Saga Desk
रांची स्थित रिम्स (RIMS) में लंबे समय से चली आ रही डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी अब जल्द दूर होने की उम्मीद है। वर्ष 2026 में रिम्स में फैकल्टी, नर्सिंग स्टाफ और थर्ड-फोर्थ ग्रेड कर्मियों के 300 से अधिक पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इससे मरीजों को बेहतर इलाज मिलने के साथ-साथ अस्पताल की कार्यक्षमता भी मजबूत होगी।
हाल ही में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। रिम्स प्रबंधन के अनुसार, प्रस्तावित बहाली में 150 से अधिक फैकल्टी पद, 144 नर्सिंग स्टाफ और 100 से ज्यादा थर्ड-फोर्थ ग्रेड कर्मी शामिल हैं। यह रिम्स के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी एकमुश्त चिकित्सक बहाली मानी जा रही है, जिससे सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।
फोर्थ ग्रेड पदों पर निकलेगी वैकेंसी
रिम्स में फोर्थ ग्रेड के कुल 596 स्वीकृत पद हैं, जबकि वर्तमान में 120 से भी कम कर्मचारी कार्यरत हैं। इस श्रेणी में ट्रॉलीमैन, वार्ड बॉय, ड्रेसर, सफाईकर्मी और अन्य सहायक कर्मी शामिल हैं। प्रबंधन ने नियमित नियुक्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू करने की तैयारी कर ली है।
थर्ड ग्रेड पदों पर भी होगी नियुक्ति
थर्ड ग्रेड के 318 स्वीकृत पदों के मुकाबले फिलहाल 234 कर्मी ही कार्यरत हैं। लैब, एक्स-रे, डेंटल, वेंटिलेटर टेक्नीशियन, ओटी असिस्टेंट, रेडियोग्राफर सहित अन्य तकनीकी पदों पर भी जल्द बहाली की जाएगी। बैकलॉग पदों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
144 स्थायी नर्सों की बहाली
रिम्स में 144 स्थायी नर्सों की नियुक्ति की जाएगी। पिछले वर्ष रोस्टर संबंधी अड़चनों के कारण प्रक्रिया अटक गई थी, लेकिन अब फाइल दोबारा भेज दी गई है और जल्द बहाली की उम्मीद जताई जा रही है।
145 डॉक्टरों की होगी नियुक्ति
रिम्स प्रबंधन द्वारा पहले निकाले गए 145 डॉक्टरों के विज्ञापन की प्रक्रिया को एक बार फिर शुरू करने की तैयारी है। तकनीकी कारणों से रुकी यह बहाली अब आगे बढ़ने की संभावना है।
वर्तमान में क्या हैं चुनौतियां
- 70% से अधिक फोर्थ ग्रेड कर्मचारी आउटसोर्स पर हैं
- टेक्नीशियन और थर्ड ग्रेड स्टाफ की भारी कमी
- एक नर्स पर 12-15 मरीजों का दबाव
- 2200 बेड के अस्पताल में एक शिफ्ट में औसतन 185 नर्सें
- दो वर्षों में 20 से अधिक सीनियर फैकल्टी सेवानिवृत्त
प्रस्तावित फैकल्टी पद
- असिस्टेंट प्रोफेसर -43
- एसोसिएट प्रोफेसर -56
- एडिशनल प्रोफेसर -09
- प्रोफेसर -37
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह बहाली समय पर पूरी हो जाती है, तो रिम्स की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
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