तीन महीने में ही खत्म हो गया था ताजा खाना, ISS में क्या खाकर जिंदा रहीं सुनीता विलियम्स?

News Saga Desk

वॉशिंगटन। भारतीय मूल की एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर 9 महीने से ज्यादा समय तक अंतरिक्ष में फंसे रहने के बाद बुधवार को धरती पर लौट गए। बुधवार अहले सुबह को स्पेसएक्स कैप्सूल ने फ्लोरिडा के तट पर सफल स्प्लैशडाउन लैंडिंग की जिसके बाद दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सुनीता विलियम्स बोइंग के स्टारलाइनर क्राफ्ट में सवार होकर पिछले साल जून में इस मिशन के लिए निकली थीं और शुरुआत में यह मिशन महज सप्ताह भर के लिए चलने वाला था। हालांकि यान में आई तकनीकी खराबी के बाद सुनीता ISS पर ही फंस गईं। बुधवार को उनके वापस लौटने पर दुनियाभर में लोगों ने राहत की सांस ली है।

सुनीता और बुच विल्मोर के लिए यह मिशन आसान बिल्कुल नहीं रहा। बीते 9 महीनों में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से आईं कुछ तस्वीरों में सुनीता की हालत चिंताजनक नजर आई थी जिसके बाद उनकी स्वास्थ्य को लेकर भी सवाल खड़े हुए थे। वहीं ऐसी खबरें भी आई थीं कि सुनीता स्पेस में अपना मूत्र पीकर जिंदा रह रही हैं। आपके मन में भी यह प्रश्न उठ रहे होंगे कि अंतरिक्ष में इतने समय तक फंसे रहने के दौरान सुनीता विलियम्स किस तरह का भोजन करती थीं। अंतरिक्ष में सुनीता को ज्यादातर फ्रोजन फूड का ही सहारा था।

सुनीता विलियम्स और विल्मोर ने ISS में क्या खाया?

बोइंग स्टारलाइनर मिशन के मुद्दों के जानकर एक सूत्र के मुताबिक अंतरिक्ष यात्रियों को मिशन के दौरान ताजे फल और सब्जियां नसीब नहीं होता था। जानकारी के मुताबिक सुनीता और बुच विल्मोर इस दौरान पाउडर दूध, पिज्जा, रोस्ट चिकन, झींगा कॉकटेल और टूना मछली खाकर जिंदा रहे। वहीं पिछले साल नवंबर में न्यूयॉर्क पोस्ट ने एक रिपोर्ट में बताया था कि सुनीता को ISS पर सिर्फ पिज्जा और झींगा कॉकटेल ही मिलता था।

खत्म हो गई थीं फल और सब्जियां

अंदरूनी सूत्र ने यह भी बताया कि शुरू में उपलब्ध ताजे फल और सब्जियां तीन महीने के अंदर ही खत्म हो गए थे। इसके बाद पैकेज्ड और फ्रीज-ड्राई सब्जियां ही इस्तेमाल की जाती थी। इसके अलावा मांस और अंडों को पृथ्वी पर ही पका कर भेजा जाता था जिन्हें ISS पर गर्म करने की जरूरत होती थी। सूप, स्टू और कैसरोल जैसे फ्रोजन फूड को पानी से हाइड्रेट किया जाता था। वहीं पानी के लिए उनके मूत्र और पसीने को ताजे पानी में रिसाइकिल किया जाता था।

क्या कह रहे हैं जानकार

हालांकि विशेषज्ञों से स्पष्ट किया है कि सुनीता का वजन कम खाने की वजह से नहीं घटा। विशेषज्ञों के मुताबिक, “यह बहुत स्पष्ट होना चाहिए कि वजन में कोई भी कमी ISS पर खाने की कमी के कारण नहीं है। एक विस्तारित मिशन के लिए भी पर्याप्त भोजन था।” गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को हर अंतरिक्ष यात्री के हिसाब से हर दिन लगभग 3.8 पाउंड भोजन उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही यहां इमरजेंसी की स्थिति के लिए भी व्यवस्था की जाती है।


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