News Saga Desk
पटना। नीतीश कैबिनेट की 15 जुलाई को हुई बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें कई महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं। इनमें सबसे अहम निर्णय बिहार के युवाओं से जुड़ा है। राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों (2025 से 2030) के भीतर एक करोड़ रोजगार और नौकरियों के सृजन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को स्वीकृति दे दी है। यह फैसला राज्य में बेरोजगारी को घटाने और युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले ही इस विषय पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को सरकारी और निजी क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराया जाए। खासकर औद्योगिक और निजी क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर विकसित किए जाएंगे। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।
कैबिनेट द्वारा इस प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी मिलने के साथ ही, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि “सात निश्चय” योजना के तहत युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण जारी रहेगा। आने वाले वर्षों में इस योजना का दायरा और अधिक बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, सरकार ने कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना की भी घोषणा की है, जिससे युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण और रोजगार की दिशा में मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 50 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसे पूरा करने के बाद अब यह नया लक्ष्य निर्धारित किया गया है। युवाओं को सशक्त बनाने और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने की दिशा में इसे एक बड़ा और ठोस प्रयास माना जा रहा है।
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