बिहार की सियासत में मुद्दों की जंग, पक्ष-विपक्ष में तेज आरोप-प्रत्यारोप

News Saga Desk

पटना। बिहार की सियासत में इन दिनों मुद्दाें की चोरी और कॉपी-पेस्ट का आक्षेप पक्ष और विपक्ष दोनों की जुबान पर चढ़ा है। आने वाले महीने में चुनावी महासमर के दौरान इसे और अधिक विस्तार पाना तय माना जा रहा। दिलचस्प यह है कि आक्षेप के साथ-साथ नसीहतों का भी दौर चल रहा।

नीतीश की घोषणाओं को संकल्प पत्र का हिस्सा मान रहे तेजस्

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल के दिनों में कई ऐसी घोषणाएं की हैं जो सीधे तौर पर लोगों से जुड़ी है। अपने एक्स हैंडल पर वह अपनी घोषणाओं की जानकारी देते हैं और फिर उसे एक -दो दिनों के भीतर कैबिनेट की मंजूरी मिलती है। इसी क्रम में एक दिन उन्होंने सभी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 125 यूनिट मुफ्त बिजली की घोषणा की।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि इस घोषणा के मूल में राजद की पूर्व में घोषित योजना है। हमलाेग नियमित रूप से यह कह रहे कि जब हमारी सरकार बनेगी तो 200 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराएंगे। इसी तरह वृद्धजन पेंशन योजना की राशि 400 रुपए से बढ़ाकर 1100 रुपए किए जाने को भी राजद द्वारा कापी-पेस्ट कहा जा रहा।

राजद नेताओं का कहना है कि सबसे पहले राजद ने अपने संकल्प पत्र में यह कहा कि उनकी सरकार आयी तो वृद्धजन पेंशन की राशि डेढ़ हजार रुपए प्रतिमाह तक कर दी जाएगी। अब उसी योजना के तहत वृद्धजन पेंशन योजना की राशि 1100 रुपए कर दिया गया है। सरकारी नौकिरयों में डोमिसाइल को भी राजद अपनी योजना मानता है। आशा वर्कर और ममता के मानदेय में बढ़ोतरी को भी अपने खाते में लेना चाहता है राजद।

विपक्ष पर टाइटिल चोरी का आरोप मढ़ रहा सत्तापक्ष

योजनाओं को लेकर विपक्ष के कापी-पेस्ट के शोर के बाद अब सत्ता पक्ष का यह आरोप सुर्खियों में है कि कांग्रेस और राजद टाइटिल चोरी में व्यस्त है। मामला यह है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने राहुल गांधी को जननायक का तगमा दे दिया। इसके बाद सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को जननायक कह दिया। जदयू नेताओं का कहना है कि टाइटल चोरी करने से कोई जननायक नहीं हो जाता।

लोकसभा चुनाव के समय नौकरियों के मुद्दे पर सेहरा को लेकर खूब हुई थी

लोकसभा चुनाव के समय भी बिहार में युवाओं को मिली नौकरियों के सेहरा को लेकर खूब चर्चा हुई थी। नीतीश कुमार की सरकार में मिली नौकरियों पर तेजस्वी यादव ने यह कहना शुरू किया था कि नौकरियां उनके पहल पर मिली है। उनका कहना था कि जिस समय वह नीतीश कुमार की सरकार मे उप मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने इस दिशा में काम किया था।

नसीहतों का दौर भी चल रहा

आक्षेप के साथ नसीहतों का दौर भी चल रहा। जदयू के वरिष्ठ नेता व संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी का कहना है कि विपक्ष को जब यह लगता है कि उनकी योजनाएं पूरी कर दी गयी है तो उन्हें सरकार की तारीफ करनी चाहिए। विपक्ष ऐसा क्यों नहीं कर रहा?


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