News Saga Desk
रांची। दुर्गा पूजा और आगामी त्योहारों के मद्देनज़र झारखंड पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। राज्य के सभी जिलों में पहले से चिन्हित असामाजिक तत्वों पर नजर रखते हुए, जरूरत पड़ने पर उन्हें हिरासत में लेने की योजना बनाई गई है। पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, राज्यभर में करीब 4000 ऐसे लोगों की सूची तैयार की गई है, जो पूर्व में धार्मिक आयोजनों या त्योहारों के दौरान उपद्रव फैलाने में शामिल रहे हैं। ऐसे लोगों को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107 के तहत नोटिस भेजा गया है। यदि वे चेतावनी के बावजूद असामाजिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाते हैं, तो उन्हें जेल भेजा जाएगा।
डीजीपी अनुराग गुप्ता ने कहा कि पुलिस का मकसद किसी को परेशान करना नहीं है, लेकिन राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द और सार्वजनिक शांति बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने साफ किया कि ऐसे तत्व जो बार-बार माहौल खराब करते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। जिलों के एसएसपी/एसपी को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में असामाजिक और शरारती तत्वों की सूची तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। डीजीपी ने यह भी बताया कि पिछले वर्षों में जिन लोगों पर छेड़छाड़, विवाद या गड़बड़ी के मामले दर्ज हैं, उनकी सूची अलग से तैयार कर उन्हें भी चेतावनी दी जा रही है, ताकि वे दोबारा वैसी गतिविधियों में शामिल न हों।
त्योहारों के दौरान व्यापक सुरक्षा व्यवस्था
पूजा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था रोकने के लिए पुलिस गश्ती, पीसीआर, हाइवे पेट्रोलिंग और मोटरसाइकिल दस्ते को सक्रिय किया गया है। राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को अलग-अलग जोन में बांटा गया है। हर जोन की ज़िम्मेदारी संबंधित डीएसपी को दी गई है, जबकि सेक्टर स्तर पर इंस्पेक्टरों की तैनाती की जा रही है। समूचे जिले की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी एसएसपी/एसपी स्वयं करेंगे। राजधानी रांची सहित सभी जिलों के थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पूर्व के त्योहारों में विवाद या छेड़खानी से जुड़े मामलों की समीक्षा करें और संबंधित लोगों को नोटिस भेजकर आगाह करें।
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