News Saga Desk
पटना। मुकेश सहनी ने बिहार के युवकविहीन गांवों पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री अमित शाह की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के कई गांव पलायन के कारण युवकविहीन हो चुके हैं, लेकिन इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री अब तक कुछ नहीं बोल रहे हैं। मुकेश सहनी ने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा बिहार को मजदूर सप्लाई वाला प्रदेश बनाकर रखने की है।
उन्होंने कहा कि जब चुनाव आता है, तो सरकार को बिहार में उद्योग लगाने की चिंता बढ़ जाती है, लेकिन यह वोट जुटाने की राजनीति है। मुकेश सहनी ने 20 साल की नीतीश कुमार सरकार और 11 साल की मोदी सरकार के कार्यकाल में बिहार के लोगों को मिले लाभ पर सवाल उठाए।
मुकेश सहनी ने कहा कि महागठबंधन की नीति और नियत साफ है, नया बिहार बनाना, जहां लोगों को अपने जिलों में नौकरी और रोजगार मिले, शिक्षा और स्वास्थ्य बेहतर हो, ताकि लोग पढ़ाई और इलाज के लिए दूसरे राज्यों में न जाएं। उन्होंने निषाद समाज के आरक्षण और सम्मान की मांग दोहराई है और कहा है कि वे झोला उठाने वाले नहीं, अब हक और आरक्षण के लिए संघर्ष करेंगे।
मुकेश सहनी का कहना है कि उनकी पार्टी का लक्ष्य बिहार में बदलाव लाना है और वे इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनके 40 विधायक बनेंगे और वे बिहार के नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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