घाटशिला उप चुनाव : सीएम हाउस में हुई बैठक में हेमंत सोरेन ने दिए चुनाव जीतने के टिप्स

News Saga Desk

घाटशिला। स्वर्गीय मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद घाटशिला विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर झारखंड का सियाशी पारा चढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में राज्य के मुख्यमंत्री सह झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन भी उपचुनाव को लेकर सक्रिय हो गये है। शुक्रवार को रांची स्थित मुख्यमंत्री के आवास पर घाटशिला उपचुनाव को लेकर सीएम हेमंत सोरेन के अगुवाई में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गयी। जिसमें पूर्वी सिंहभूम जिले से झारखंड मुक्ति मोर्चा के जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी, बहरागोड़ा के विधायक समीर मोहंती, पोटका के विधायक संजीव सरदार के अलावा घाटशिला के पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू, स्व रामदास सोरेन के बड़े बेटे सोमेश चंद्र सोरेन और पूर्वी सिंहभूम के जिला समेत घाटशिला के प्रखंड, पंचायत व बूथ स्तर के सभी सक्रिय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इस बैठक में घाटशिला के उपचुनाव को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। जिसमें जिला, प्रखंड, पंचायत और बूथ लेबल में कार्य योजना तैयार की गई। इसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद एक-एक सक्रिय कार्यकर्ताओं से बात करके उनसे उनकी भी राय ली। सीएम ने 5 हजार जनसंख्या वाले इलाके में 300 कार्यकर्ताओं को पदयात्रा करने और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जनता को जाकारी देने का निर्देश दिया। सीएनटी-एसपीटी एक्ट में पूर्व की भाजपा की सरकार द्वारा छेड़छाड़ की कोशिश, आदिवासीयों के भूमि अधिग्रहण और लैंड बैंक की स्थापना, आदिवासीयों के हित में सरना धर्म कोड को भाजपा वाली केंद्र शासित सरकार के द्वारा लागू नहीं करना आदि को लेकर आदिवासी समाज को जागरूक करने का निर्देश दिया गया। उन्हें मंईयां सम्मान योजना, 200 यूनिट बिजली फ्री जैसे मुद्दों को जन जन तक ले जाने का निर्देश दिया गया। गुरुजी क्रेडिट कार्ड, कृषि ऋण और कृषि यंत्रों पर मिलने वाली 50 फीसदी सब्सिडी जैसी योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाने को कहा गया है। बताया गया कि स्वर्गीय मंत्री रामदास सोरेन के द्वारा घाटशिला में पंडित रघुनाथ मुर्मू विश्विद्यालय खोलने की तैयारी थी, जिसका 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा मुसाबनी में सरकारी डिग्री कॉलेज, आदिवासी म्यूजियम आदि पर काम चल रहा है। इसे लेकर ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्र के युवा वोटरों को जागरूक करने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है।

पार्टी मां तो परिवार बेटे को टिकट देने पर अड़ी

झारखंड मुक्ति मोर्चा में घाटशिला उपचुनाव को लेकर प्रत्याशी के अंतिम फैसला नहीं हो सका है। जानकारी के अनुसार झामुमो घाटशिला से स्वर्गीय रामदास सोरेन की पत्नी सूरजमनी देवी को टिकट देना बेहतर समझता है। झामुमो का मानना है कि पत्नी को टिकट देने पर सहानुभूति का लाभ ज्यादा मिलेगा। लेकिन जानकार सूत्रों की मानें तो सूरजमनी सहित परिवार के अन्य सदस्य सोमेश चंद्र सोरेन को ही टिकट देने पर अड़ी हुई है। पिछले दिनों स्वर्गीय रामदास सोरेन के परिजनों ने मुख्यमंत्री आवास में हेमंत सोरेन से मिल कर परिवार की इच्छा से अवगत भी करा दिया है। इस मुलाकात में स्व मंत्री की पत्नी सूरजमनी सोरेन के अलावा बड़े बेटे सोमेश चंद्र सोरेन, मंझले बेटे रॉबिन सोरेन और छोटे बेटे रुपेश सोरेन के साथ ही बेटी रेणु सोरेन, दामाद अर्जुन हेंब्रम और भतीजा विक्टर सोरेन मौजूद थे। इधर मंत्री पद का मामला भी अभी तक अनसुलझा है। रामदास सोरेन के परिजन चाहते हैं कि सोमेश को भी उसी तरह मंत्री पद दिया जाए, जिस तरह हाजी हुसैन अंसारी के निधन के बाद हफीजुल हसन और टाइगर जगन्नाथ महतो की मौत के बाद उनकी पत्नी बेबी देवी को मिला था।


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