News Saga Desk
आलमनगर (मधेपुरा)। आलमनगर विधानसभा सीट पर राजग की गांठ सतह पर दिखने लगी है। इस सीट पर जदयू नेता व विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव काबिज हैं। गठबंधन के घटक दल लोजपा (रा) ने इनके विरुद्ध बगावती रुख अपना लिया। लोजपा के प्रदेश सचिव चंदन सिंह ने बुधवार से यहां बदलाव रैली की शुरुआत की।
दो दिवसीय परिवर्तन रैली पूरे विधानसभा क्षेत्र में निकाली जाएगी। नरेंद्र नारायण यादव 1995 से लगातार यहां से विधायक हैं। चंदन सिंह 2015 में एनडीए के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ चुके हैं। वे 44 हजार वोट लाकर दूसरे स्थान पर रहे थे। लोजपा की बदलाव रैली से गठबंधन की गांठ उलझ गई है।
बदलाव यात्रा के दौरान चंदन सिंह ने कहा कि विगत 30 साल में सिर्फ एक व्यक्ति का विकास हुआ, आलमनगर का नहीं। मैं एनडीए गठबंधन का हिस्सा हूं, इसका मतलब यह नहीं कि मैं किन्हीं का बंधुआ मजदूर हूं। अगर क्षेत्र में विकास नहीं होगा तो बदलाव जरूरी है। हमारे नेता ने पटना-दिल्ली के लिए गठबंधन किया है, आलमनगर विधानसभा क्षेत्र के लिए नहीं। उदाकिशुनगंज प्रखंड की नयानगर पंचायत से चंदन सिंह ने बदलाव यात्रा की शुरुआत की।
नयानगर, शहजादपुर, बुधमा होते हुए बदलाव यात्रा आलनगर नगर पंचायत से खुरहान, खापुर, गंगापुर, इटहरी और चौसा प्रखंड की फुलौत पहुंची। गुरुवार को लौआलगान, बाबा विशु राउत मंदिर, अरजपुर पंचायत होते हुए पुन: आलनगर पानी टंकी मैदान में यात्रा का समापन होगा।
आलमनगर में पूरी ताकत के साथ राजग लड़ेगा चुनाव:
नरेंद्र नारायण विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में प्रदेश में चहुंमुखी विकास हो रहा है। इसका मतलब यह है कि बदलाव की सोच रखने वाले (चंदन सिंह) विकास के पक्षधर नहीं हैं। जनता विकास से अवगत है। हमारा प्रयास है कि इसी तरह निरंतर विकास को आगे बढ़ाया जाए, ताकि आलमनगर विधानसभा क्षेत्र की राज्य में अलग पहचान बनी रही।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव लड़ने के लिए सभी स्वतंत्र हैं। राजग से जिन्हें टिकट मिलेगा, वह चुनाव लड़ेंगे। पूरी ताकत के साथ हमारा गठबंधन चुनाव लड़ेगा और फिर इस विधानसभा क्षेत्र में जीत मिलेगी।
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