रांची: 70 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी से 44 लाख की साइबर ठगी, 19 वर्षीय आरोपी देवघर से गिरफ्तार

News Saga Desk

रांची। सीआईडी के अधीन संचालित साइबर अपराध थाने की पुलिस ने रांची के एक बुजुर्ग 70 वर्षीय उमाशंकर कांदवे से 44 लाख रुपये की साइबर ठगी में एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। उमाशंकर कांदवे नॉर्थर्न कोल्फिल्ड लिमिटेड (एनसीएल), सिलीगुड़ी से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। वे कांके में अपना घर बनाकर रहते हैं।

वहीं, गिरफ्तार आरोपित 19 साल का यशवर्धन कुमार है। वह बिहार के गया का मूल निवासी है और वर्तमान में झारखंड के देवघर में रहता है। उसने पढ़ाई छोड़ दी है और साइबर ठगी में ही संलिप्त है। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल, दो सिम कार्ड व कांड से संबंधित वाट्सएप चैट तथा बैंक खाता की विवरणी बरामदगी की है।

फर्जी ट्रेडिंग एप निवेश का लालच

शिकायतकर्ता उमाशंकर कांदवे ने 13 अगस्त को साइबर अपराध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने शिकायत की थी कि उन्हें व्हाट्सएप पर एक फर्जी ट्रेडिंग एप कैंटिलोन में निवेश का प्रलोभन दिया गया था।

साइबर फ्रॉड कैंटिलोन नामक एक फर्जी एप के माध्यम से किया गया था। इसमें नकली मुनाफा दिखाते हुए निवेश पर असली रिटर्न का भ्रम पैदा कर कुल 44 लाख रुपये अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर खोले गए बैंक खातों में ठगी कर ट्रांसफर कर दिया गया था। बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर ही यह आरोपित देवघर से गिरफ्तार किया गया।

एक बैंक खाते के विरुद्ध 17 राज्यों में दर्ज हैं 46 शिकायतें

साइबर अपराध थाने की पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्त के बैंक ऑफ बड़ौदा के खाता नंबर 26450200001669 के बारे में जानकारी जुटाई। भारत सरकार के गृह मंत्रालय से संचालित नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से इसका पता लगाया।

तब जानकारी मिली कि इस खाते के विरुद्ध 17 राज्यों में कुल 46 शिकायतें दर्ज हैं। इनमें तेलंगाना में चार, उत्तराखंड में एक, झारखंड में एक, छत्तीसगढ़ में दो, पश्चिम बंगाल में एक, तमिलनाडु में चार, राजस्थान में एक, मध्य प्रदेश में एक, महाराष्ट्र में चार, कर्नाटक में 8, केरल में एक, हिमाचल प्रदेश में एक, गुजरात में 6, दिल्ली में दो, बिहार में दो, आंध्र प्रदेश में दो व उत्तर प्रदेश में पांच मामले दर्ज हैं।

इस तरह के अपराध से ऐसे बचें

साइबर अपराध थाने की पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि इस तरह के अपराध से बचने के लिए व्हाट्सएप, टेलीग्राम, गूगल एड के माध्यम से भेजे जाने वाले निवेश ऑफर से संबंधित विज्ञापन के लिंक पर क्लिक न करें और नहीं लिंक के माध्यम से किसी वेब पोर्टल या एप पर रजिस्टर करें।

निवेश के नाम पर व्हाट्सएप, टेलीग्राम के माध्यम से मिलने वाले बैंक खाते, यूपीआई आईडी में पैसे जमा न करें। निवेश के लिए सरकार से अधिकृत एप पर ही निवेश करें तथा निवेश करने से पहले उसके संबंध में पूरी जानकारी प्राप्त करके ही निवेश प्रारंभ करें।

अगर आप किसी फ्रॉड के शिकार हो गए हैं तो इसकी शिकायत तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या वेबसाइट एचटीटीपीएस://डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाट साइबर क्राइम डॉट जीओवी डॉट इन पर करें। इसकी लिखित शिकायत अपने नजदीकी थाना या साइबर सेल, साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में करें।


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