बिहार विधानसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के बीच शुक्रवार को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। दरौली विधानसभा सीट से सीपीआई-माले के मौजूदा विधायक सत्यदेव राम को नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद अफरा-तफरी मच गई और समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
जानकारी के अनुसार, सत्यदेव राम इस बार भी सीपीआई-माले के उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं। वे जब दरौंदा समाहरणालय परिसर में नामांकन भरने पहुंचे, तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
मीडिया से बातचीत में सत्यदेव राम ने कहा, “मेरे खिलाफ दरौंदा रेल रोकने के मामले में केस दर्ज है, जो करीब 20 साल पुराना है। अगर ऐसी कोई बात थी तो पहले से सूचना दी जानी चाहिए थी ताकि मैं अग्रिम जमानत ले लेता। यह सब राजनीतिक कारणों से किया गया है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं पहले भी जेल से चुनाव लड़ चुका हूं और इस बार भी लड़ूंगा।”
दरअसल, वर्ष 2005 में दरौंदा रेलवे स्टेशन पर रेल रोको आंदोलन के दौरान बिना अनुमति प्रदर्शन करने के मामले में रेलवे थाना कांड संख्या 36/2005 दर्ज किया गया था। इस केस में सोनपुर रेलवे कोर्ट के एसीजेएम ने सत्यदेव राम के खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया था।
इसी वारंट के आधार पर नगर थाना पुलिस ने शुक्रवार को समाहरणालय परिसर से विधायक सत्यदेव राम को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया जारी है।
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