नई दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर अर्धसैनिक बलों और पुलिस जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि सेना भारत की भौगोलिक अखंडता, जबकि पुलिस सामाजिक अखंडता की रक्षा करती है।
राजनाथ सिंह ने नक्सलवाद पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि देश से नक्सलवाद की समस्या अगले साल मार्च तक समाप्त हो जाएगी। उन्होंने बताया कि कई प्रमुख नक्सलियों का सफाया किया गया है और अब हथियार उठाने वाले लोग विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों की संख्या में भारी कमी आई है और कभी लाल गलियारे के रूप में पहचान रखने वाले इलाके अब शिक्षा और विकास के केंद्र बन रहे हैं।
रक्षा मंत्री ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों की सराहना करते हुए कहा कि समाज और पुलिस के बीच विश्वास और सहयोग होने पर सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी रूप से काम कर सकती है। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर अस्थिरता, आतंकवाद और संगठित अपराध जैसी चुनौतियों का सामना सतर्क सशस्त्र और पुलिस बलों के सहयोग से किया जा रहा है।
कार्यक्रम में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और दिल्ली पुलिस की संयुक्त परेड आयोजित की गई। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री बंदी संजय कुमार, गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो निदेशक तपन डेका, सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इसमें शामिल हुए।
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