News Saga Desk
झारखंड | झारखंड के पलामू जिले में एक मां द्वारा इलाज के लिए अपने नवजात शिशु को 50 हजार रुपये में बेचने का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक पहुंच गया है। मानवाधिकार कार्यकर्ता वैधनाथ ने आयोग को दी गई शिकायत में बताया कि लेस्लीगंज प्रखंड के लोटवा गांव की यह महिला आधार कार्ड, राशन कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं ले पा रही थी। आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि परिवार मंदिर के शेड में रहने को मजबूर था।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि स्थानीय प्रशासन ने महिला की गंभीर स्थिति के बावजूद केवल 20 किलो चावल की ही मदद की, जबकि उसे तत्काल इलाज व आर्थिक सहायता की जरूरत थी। मजबूरी में महिला को अपने नवजात को बेचने जैसा दर्दनाक कदम उठाना पड़ा।
समय सीमा में रिपोर्ट नहीं भेजने पर एनएचआरसी का सख्त रुख
आयोग ने इस मामले को मानवाधिकार उल्लंघन की श्रेणी में लेते हुए पलामू जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। लेकिन निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट नहीं मिलने पर NHRC ने कड़ा रुख अपनाया है।
आयोग ने पलामू के उपायुक्त (DC) को समन जारी करते हुए 15 दिसंबर को स्वयं या किसी अधिकृत अधिकारी के माध्यम से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि 18 दिसंबर तक जांच रिपोर्ट आयोग को प्राप्त हो जाती है, तो डीसी की व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी जा सकती है।
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