News Saga Desk
बिहार कांग्रेस में चुनावी हार और लगातार बढ़ते अंदरूनी मतभेदों के बीच अनुशासन की बड़ी कार्रवाई की गई है। पार्टी ने संगठनात्मक नियमों और हाईकमान के फैसलों की खुले तौर पर अवहेलना करने वाले सात नेताओं को छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है।
प्रदेश अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि इन नेताओं से मांगा गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। इसलिए अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
निष्कासित नेताओं में कांग्रेस सेवा दल के पूर्व उपाध्यक्ष आदित्य पासवान, बिहार कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष शकीलुर रहमान, किसान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राज कुमार शर्मा, युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राज कुमार राजन, अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष कुंदन गुप्ता, बांका जिला अध्यक्ष कंचना कुमारी और नालंदा के रवि गोल्डेन शामिल हैं।
समिति की रिपोर्ट के अनुसार, ये नेता टिकट वितरण, चुनावी रणनीति और पार्टी कार्यक्रमों के खिलाफ लगातार सार्वजनिक बयान दे रहे थे। सोशल और प्रिंट मीडिया में टिकट खरीद–फरोख्त जैसे आरोपों को पार्टी ने बेबुनियाद और कांग्रेस की छवि धूमिल करने वाला बताया।
बार-बार चेतावनियों के बावजूद बर्ताव में सुधार न होने पर यह कठोर कदम उठाया गया। पार्टी का मानना है कि यह कार्रवाई संगठन को मजबूत करने और अनुशासन की स्पष्ट रेखा खींचने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश है ,कि कांग्रेस में किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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