News Saga Desk
पटना। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का नोटिस जारी किए जाने पर राजद ने नीतीश सरकार को आड़े हाथों लिया है।
प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने बयान जारी कर कहा कि एनडीए सरकार बनने के कुछ ही दिनों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘बदले की भावना’ से निर्णय लेना शुरू कर दिया है। उन्होंने इसे बीजेपी के दबाव में लिया गया छोटा एवं अहंकारी कदम बताया।
यादव ने कहा कि राबड़ी देवी लगभग 20–25 वर्षों से पूर्व मुख्यमंत्री के हैसियत से इस आवास में रहती आई हैं। इससे पहले यह आवास साधु यादव को आवंटित था।
उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश सरकार ने परंपरा और राजनीतिक मर्यादाओं को तोड़ते हुए आवास खाली कराने का आदेश जारी किया है, जबकि देश के कई राज्यों में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास उपलब्ध कराए जाते रहे हैं।
“पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगला देने की परंपरा रही है”
RJD प्रवक्ता ने उदाहरण देते हुए कहा कि लुटियंस ज़ोन में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी जैसे नेताओं को भी आधिकारिक आवास आवंटन है।
उन्होंने आगे कहा कि झारखंड में भी शिबू सोरेन, बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा, रघुवर दास और सुदेश महतो जैसे पूर्व मुख्यमंत्रियों के नाम पर आवास आवंटित हैं।
कैलाश यादव ने अपील की कि राजनीति में उतार–चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन प्रतिशोध की राजनीति लोकतांत्रिक परंपरा को कमजोर करती है। उन्होंने सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की।
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