News Saga Desk
रांची। रक्षा राज्य मंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ ने आज 54वीं नेशनल जूनियर ओपन एंड गर्ल्स चेस चैंपियनशिप के मस्कट ‘गजराज’ का अनावरण किया। इस मौके पर झारखंड चेस एसोसिएशन के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे। चैंपियनशिप में लॉन्च किया गया मस्कट हाथी की आकृति पर आधारित है, जिसे ‘गजराज’ नाम दिया गया है।
संजय सेठ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए सभी सांसदों को सांसद खेल महोत्सव आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हाल में हुए साइक्लोथॉन में 2000 से ज्यादा साइकिलें उतरीं और लगभग 25 हजार लोगों ने इसमें हिस्सा लिया। फुटबॉल महोत्सव में रांची लोकसभा क्षेत्र की 100 टीमें मैदान में उतर चुकी हैं, जबकि कुल 300 टीमों का पंजीकरण हो चुका है। यह दर्शाता है कि क्षेत्र में खेलों को लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि पारंपरिक खेल जैसे गुल्ली-डंडा, पिट्टो, कबड्डी, योगा और वॉलीबॉल भी महोत्सव का हिस्सा बनाए गए हैं। सेठ ने कहा कि भारत तभी एशियाई, कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे खेलों में अग्रणी बनेगा, जब हम खिलाड़ियों को मजबूत आधार प्रदान करेंगे। इसी उद्देश्य के साथ 54वीं नेशनल जूनियर चेस चैंपियनशिप 16 से 24 दिसंबर तक सरायकेला-खरसावां में आयोजित होगी। यह पहली बार है जब झारखंड इस स्तर की शतरंज प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है।
इस चैंपियनशिप में देशभर से करीब 500 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, जिनमें कई वर्ल्ड चैंपियनशिप खिलाड़ी और अंडर-19 वर्ग के 13–14 वर्ल्ड चैंपियंस शामिल रहेंगे। आयोजन झारखंड चेस एसोसिएशन के सचिव मनीष, सरायकेला चेस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मनोज कुमार और टीम के संयुक्त प्रयास से किया जा रहा है, जबकि कार्यक्रम के संयोजक रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ हैं।
संजय सेठ ने कहा कि झारखंड की धरती पर इतने प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को एक ही मंच पर खेलते देखना ऐतिहासिक पल होगा। उन्होंने पत्रकारों और अभिभावकों से अपील की कि वे इस आयोजन में शामिल हों और बच्चों को भी प्रेरित करें कि भारत शतरंज में विश्व स्तर पर क्यों अग्रणी है।
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