नालंदा में स्कूली बच्चों ने बाल विवाह के खिलाफ उठाई आवाज, लिया सामूहिक संकल्प

News Saga Desk

नालंदा: बिहारशरीफ बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत नालंदा जिले के हिलसा स्थित मध्य विद्यालय में शनिवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बाल विवाह रोकथाम के संदेश को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से छात्रों ने नाटक, पेंटिंग, रंगोली और अन्य गतिविधियों के माध्यम से अपनी भागीदारी दर्ज की।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें यह दिखाया गया कि समय से पहले की गई शादी बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और उनके भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालती है। विद्यार्थियों ने कहा कि बाल विवाह समाज की प्रगति में बड़ी बाधा है और इसे पूरी तरह समाप्त किया जाना आवश्यक है। विद्यालय के शिक्षकों की देखरेख में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

मौके पर उपस्थित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नितेश कुमार रंजन ने छात्रों से कहा कि सरकार ने बाल विवाह रोकने के लिए कड़े कानून बनाए हैं। वर्तमान कानून के अनुसार लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। उन्होंने छात्रों को बाल विवाह न करने और न होने देने का सामूहिक संकल्प भी दिलाया।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक कुमार पंकज ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक अभिशाप है, जो बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और करियर को प्रभावित करता है। उन्होंने बच्चों को कानून और उनके अधिकारों से अवगत कराते हुए अपने सपनों को प्राथमिकता देने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में शिक्षक राजेश कुमार, ज्योति कुमारी, सिम्पल कुमारी, खुश्बू, कविता समेत कई शिक्षक उपस्थित रहे।

Read More News

झारखंड BJP में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, पवन साय को मिली कमान, कर्मवीर सिंह को छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी

भाजपा ने पवन साय को झारखंड का नया संगठन महामंत्री बनाया है। कर्मवीर सिंह को छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी...

Read More