News Saga Desk
भारत और साउथ अफ्रीका पहले वनडे में भारत और साउथ अफ्रीका ने दर्शकों को ऐसा रोमांच दिया, जिसकी चमक अगले कई वर्षों तक याद रखी जाएगी। रन बरसते रहे, गेंद उड़ती रही और रिकॉर्ड टूटते गए। मुकाबले का हर ओवर नया मोड़ लाता रहा और आखिर तक नतीजा अनिश्चित बना रहा। इसी टक्कर में विराट कोहली के शतक और कुलदीप यादव की विध्वंसक गेंदबाज़ी ने भारत को यादगार जीत दिलाई।
कोहली की क्लासिक पारी, भारत का विशाल 349
टॉस हारकर भी भारतीय बल्लेबाज आत्मविश्वास से भरे दिखे। रोहित शर्मा ने 57 रनों की ठोस शुरुआत दी, जिसके बाद विराट कोहली ने मैदान को अपने नाम कर लिया। 120 गेंदों में 135 रन और उसके साथ 11 चौके व 7 छक्के—कोहली ने अपनी बल्लेबाज़ी से मानो मैच की दिशा ही तय कर दी।
कप्तान केएल राहुल (60) और रवींद्र जडेजा (32*) के तेज प्रहारों ने भारत का स्कोर 349 पर पहुंचाया और दक्षिण अफ्रीका के सामने बड़ा लक्ष्य खड़ा कर दिया।
अफ्रीका की वापसी, लेकिन उम्मीदें अधूरी
लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरू में दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज दबाव में आए, लेकिन फिर उन्होंने वापसी का मजबूत संकेत दिया। मैथ्यू ब्रीजट्के ने अर्धशतक जड़कर मैच में जान फूंक दी। मारको यानसन और कॉर्बिन वॉश की तेज तर्रार पारियों ने मुकाबले को आखिरी ओवर तक पहुंचा दिया। एक समय ऐसा लगा कि मैच हाथ से निकल सकता है, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने धैर्य के साथ मोर्चा संभाला।
टूटा 10 साल पुराना रिकॉर्ड
दोनों टीमों ने मिलकर 681 रन और 28 छक्के ठोक डाले—भारत बनाम अफ्रीका वनडे इतिहास का यह सबसे हाई-स्कोरिंग मुक़ाबला बन गया। 2015 के वानखेड़े मुकाबले (662 रन, 25 छक्के) का रिकॉर्ड इस मैच में ध्वस्त हो गया।
कुलदीप का जादू, भारत की जीत पक्की
कुलदीप यादव ने लगातार टर्न और वैरिएशन से बल्लेबाज़ों की नब्ज़ पकड़ ली। उन्होंने 4 विकेट निकालकर साउथ अफ्रीका की रफ़्तार तोड़ी, जबकि हर्षित राणा ने दबाव भरे पलों में 3 अहम झटके दिए। अंतिम ओवरों तक खिंचे संघर्ष में भारत ने संयम रखा और मैच 17 रन से जीत लिया। कोहली को उनकी धांसू पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
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