पटना में वायरल फ्लू का प्रकोप तेज: अस्पतालों में भीड़ बढ़ी, मरीजों को बुखार के बाद लगातार खांसी की शिकायत

News Saga Desk

पटना में ठंड की शुरुआत के साथ ही वायरल फ्लू तेजी से फैलने लगा है। राजधानी के सरकारी और निजी अस्पतालों में सर्दी, बुखार और लगातार खांसी से पीड़ित मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हुई है। IGMS, PMCH, NMCH और पटना AIIMS समेत कई अस्पतालों में ओपीडी लोड 25 से 40 प्रतिशत तक बढ़ गया है। डॉक्टरों का कहना है कि इस बार का फ्लू अधिक गंभीर है, क्योंकि बुखार उतर जाने के बाद भी मरीज 7 से 10 दिनों तक खांसी से जूझते रहते हैं। विशेषज्ञ इसे इन्फ्लुएंजा A के उपप्रकार H3N2 का प्रभाव मान रहे हैं और निगरानी बढ़ा दी गई है।

अस्पतालों में बढ़ रही भीड़

IGMS के मेडिसिन विभाग में सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों की संख्या 400–450 से बढ़कर 500 के पार पहुंच गई है, जिनमें 100–125 मरीज वायरल फ्लू के हैं। बच्चों में भी संक्रमण तेजी से फैल रहा है। PMCH के शिशु विभाग में रोज 100–125 बच्चे पहुंच रहे हैं, जिनमें 40–45 मामलों में फ्लू की पुष्टि हो रही है।

खांसी बनी बड़ी समस्या

डॉक्टरों के अनुसार इस बार का फ्लू शरीर से बुखार खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक खांसी को पकड़े रखता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एंटीबायोटिक का उपयोग वायरल संक्रमण में नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसका कोई असर नहीं होता और यह आगे चलकर दवा-प्रतिरोधक बैक्टीरिया को जन्म दे सकता है। मरीजों को आराम, भांप, तरल पदार्थ और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लेने की हिदायत दी जा रही है।

किन इलाकों में ज्यादा फैल रहा संक्रमण

कंकड़बाग, राजेंद्र नगर, बोरिंग रोड, बुद्धा कॉलोनी, राजीव नगर, गोला रोड–दानापुर, कुर्जी और पटेल नगर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कई स्कूलों ने माता-पिता को सलाह दी है कि बुखार या खांसी के लक्षण होने पर बच्चों को स्कूल न भेजें।

डॉक्टरों की चेतावनी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ साफ कह रहे हैं कि वायरल फ्लू में अपने आप एंटीबायोटिक लेना खतरनाक है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को सतर्क रहने और जांच बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं। H3N2 की जांच भी शुरू की जाएगी ताकि संक्रमण के उपप्रकार की पहचान की जा सके।

सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव

मास्क पहनना, भीड़ से दूरी, हाथों की सफाई, उचित आराम और तरल पदार्थों का सेवन—डॉक्टर इन्हें संक्रमण से बचाव के लिए सबसे प्रभावी तरीके बता रहे हैं। अगर तेज बुखार तीन दिनों से अधिक बना रहे या सांस लेने में दिक्कत हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

पटना में वायरल फ्लू की यह लहर कुछ समय तक और चल सकती है, ऐसे में सतर्कता और समय पर जांच ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

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