News Saga Desk
चक्रधरपुर रेल मंडल में हावड़ा–मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर रेल लाइन के आसपास हाथियों की आवाजाही देखे जाने के बाद रेलवे पूरी तरह सतर्क हो गया है। यात्रियों और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियातन पांच जोड़ी मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।
बुधवार (17 दिसंबर) को रेल ट्रैक के किनारे हाथियों के लगातार विचरण की सूचना मिलने के बाद यह फैसला लिया गया। इसके साथ ही ट्रैक की कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई है। लंबी दूरी की ट्रेनों की गति घटाकर 10 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है और एक्सप्रेस ट्रेनों के चालकों को हॉर्न बजाते हुए सतर्कता से आगे बढ़ने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
जानकारी के अनुसार नुआगांव–राउरकेला, चक्रधरपुर–राउरकेला और राउरकेला–झारसुगुड़ा रेल खंडों में हाथियों की सक्रियता अधिक देखी जा रही है। इन इलाकों में रेलकर्मियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और हाथियों के विचरण वाले स्थानों पर लगातार निगरानी की जा रही है।
18 और 19 दिसंबर को रद्द की गई ट्रेनें:
- चक्रधरपुर–राउरकेला–चक्रधरपुर मेमू
- टाटा–राउरकेला–टाटा मेमू
- हटिया–झारसुगुड़ा–हटिया मेमू
- राउरकेला–झारसुगुड़ा–राउरकेला मेमू
- बिरमित्रपुर–बरसुवां–बिरमित्रपुर पैसेंजर
रेलवे ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित हाथी घुसपैठ पहचान प्रणाली (ईआईडीएस) स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। वन विभाग और चक्रधरपुर रेल मंडल प्रशासन आपसी समन्वय के साथ हाथियों की सुरक्षा और उन्हें रेल पटरियों से दूर रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
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