News Saga Desk
पटना में कड़ाके की ठंड और संभावित शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर राहत व्यवस्था शुरू कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन शाखा शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जरूरतमंदों को ठंड से बचाने के इंतजाम कर रही है, ताकि कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे ठिठुरने को मजबूर न हो।
जैसे-जैसे तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, सड़क पर रात बिताने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ रही हैं। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने गरीबों, बेसहारा लोगों और राहगीरों के लिए विशेष सुरक्षा उपाय किए हैं। चौक-चौराहों, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले इलाकों सहित कुल 230 सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं, जिससे लोगों को ठंड से राहत मिल रही है।
इसके अलावा जिले में 26 स्थानों पर रैन बसेरे और आश्रय गृह संचालित किए जा रहे हैं। इन रैन बसेरों में अब तक 8,422 से अधिक लोग रात गुजार चुके हैं। प्रशासन की ओर से ठंड से बचाव के लिए जरूरतमंदों के बीच कंबलों का भी वितरण किया जा रहा है।
राहत व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को लगातार निरीक्षण और निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। अनुमंडल पदाधिकारियों और वरीय अधिकारियों से कहा गया है कि वे नियमित रूप से व्यवस्थाओं का जायजा लें, ताकि किसी तरह की लापरवाही न हो।
जिला प्रशासन ने आम लोगों से शीतलहर और पाले को लेकर जारी सरकारी एडवायजरी का पालन करने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में जिला आपातकालीन संचालन केंद्र, पटना से दूरभाष संख्या 0612-2210118 या ई-मेल dismgmtpatna@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा आपदा प्रबंधन विभाग का टॉल-फ्री नंबर 1070 और स्वास्थ्य विभाग का हेल्पलाइन नंबर 104 भी सक्रिय रखा गया है।
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