News Saga Desk
रांची: झारखंड एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) निलंबित आईएएस विनय कुमार चौबे, उनकी पत्नी स्वप्ना संचिता, विनय चौबे के साले विनय सिंह, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह सहित अन्य पर आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच कर रही है।
एजेंसी की पूछताछ और जांच के दौरान यह सामने आया है कि स्वप्ना संचिता जांच में सहयोग करने के बजाय तथ्यों को छुपाने, भ्रमित करने और वास्तविक आर्थिक स्थिति को छिपाने की कोशिश कर रही हैं। ACB के अनुसार, उन्होंने कई महत्वपूर्ण वित्तीय सवालों के जवाब टालते हुए या “याद नहीं”, “दस्तावेज बाद में लाएंगे” और “किसी और से पूछिए” जैसे उत्तर दिए।
स्वप्ना संचिता ने स्वीकार किया कि उन्होंने अप्रैल 2006 में व्यवसाय शुरू किया था, लेकिन उसी अवधि की इनकम टैक्स रिटर्न्स प्रस्तुत नहीं की गई। साथ ही, उन्होंने रिकॉर्ड रखने और डिजिटल बैकअप के संबंध में भी विरोधाभासी बयान दिए। कभी उन्होंने कहा कि केवल 5 वर्ष का डेटा रखा जाता है, तो कभी दावा किया कि कोई रिकॉर्ड नष्ट नहीं किया गया।
ACB का मानना है कि यह रवैया जांच से बचने की रणनीति है। स्वप्ना संचिता ने व्यक्तिगत, पारिवारिक और कंपनी/फर्मों के खातों के बीच वित्तीय सीमा स्पष्ट नहीं रखी, जिससे पुराने लेन-देन, फीस कलेक्शन और कैश ट्रांजेक्शन की समीक्षा मुश्किल हो रही है।
जांच अधिकारी यह भी कह रहे हैं कि जांच में सहयोग न करना और दस्तावेज उपलब्ध न कराना बड़े स्तर पर आर्थिक अनियमितताओं को छुपाने का संकेत देता है। यह मामला अभी ACB के समक्ष जारी है और आगे की पूछताछ के बाद ही स्पष्ट रूप से विवरण सामने आएंगे।
No Comment! Be the first one.