धुर्वा लापता बच्चों पर सियासी बवाल, मरांडी ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

News Saga Desk

राजधानी रांची के धुर्वा इलाके से दो मासूम बच्चों के लापता होने के एक सप्ताह बाद भी उनकी सुरक्षा बरामदगी नहीं होने पर राज्य में राजनीतिक माहौल गरमाया है.

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा कि यह घटना सरकार और पुलिस की कार्यशैली की असफलता को उजागर करती है.

मरांडी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यदि पुलिस ने समय पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की होती और डॉग स्क्वाड सहित अन्य संसाधनों का तुरंत उपयोग किया गया होता, तो परिणाम भिन्न होते. उन्होंने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा मामले में स्वतः संज्ञान लेना इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है.

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस विभाग जनता के प्रति जिम्मेदार होने के बजाय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निजी हित साधने में लगा हुआ है. उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को जंगलराज जैसी बताते हुए कहा कि अपहरण, लूट और हत्या की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम लोग भय और असुरक्षा में जीने को मजबूर हैं.

बाबूलाल मरांडी ने झारखंड पुलिस पर जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय वसूली करने का आरोप भी लगाया और सरकार से लापता बच्चों की शीघ्र बरामदगी और जवाबदेही तय करने की मांग की है.

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