News Saga Desk
रांची: पर्यावरण अनुकूल और सस्ती परिवहन व्यवस्था का सपना फीका, शहर में कई साइकिल स्टैंड पड़े हैं उपेक्षित।
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत रांची शहरवासियों को पर्यावरण के अनुकूल और किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई साइकिल शेयरिंग योजना अब अपनी प्रासंगिकता खोती नजर आ रही है। एक समय शहर की सड़कों पर हर आयु वर्ग के लोग इन साइकिलों के माध्यम से सफर करते दिखाई देते थे, लेकिन वर्तमान स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है।
साइकिल स्टैंड से गायब हुई साइकिलें
शहर के कई इलाकों में स्थापित साइकिल स्टैंड पर अब साइकिलें गायब हैं। कई स्टैंड ऐसे हैं, जहां लंबे समय से एक भी साइकिल उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा, स्मार्ट सिटी के तहत बनाए गए अनेक साइकिल स्टैंड रखरखाव के अभाव में पूरी तरह उपेक्षित पड़े हैं।
रखरखाव की कमी ने बढ़ाई परेशानी
योजना की नियमित मॉनिटरिंग और रखरखाव नहीं होने के कारण यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट धीरे-धीरे ठप होता दिखाई दे रहा है। साइकिलों की अनुपलब्धता और स्टैंड की बदहाल स्थिति ने आम लोगों का भरोसा भी कमजोर किया है।
स्मार्ट सिटी प्रबंधन पर सवाल
साइकिल शेयरिंग योजना की मौजूदा हालत से यह साफ हो गया है कि स्मार्ट सिटी के तहत शुरू की गई इस पहल को अपेक्षित समर्थन और निगरानी नहीं मिल सकी। इसके चलते पर्यावरण संरक्षण और सस्ती परिवहन व्यवस्था का जो सपना दिखाया गया था, वह अब कागजों तक सिमटता नजर आ रहा है।
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