News Saga Desk
बॉलीवुड अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव ने गुरुवार को तिहाड़ जेल सुप्रीटेंडेंट के सामने खुद सरेंडर कर दिया। यह कदम दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा चेक बाउंस मामले में उन्हें जेल में सरेंडर करने के आदेश के बाद उठाया गया।
राजपाल यादव ने कोर्ट से मोहलत मांगने की कोशिश की थी, लेकिन 4 फरवरी को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उन्हें स्पष्ट निर्देश दिया कि पहले सरेंडर कीजिए, फिर याचिका पर विचार होगा। इसके बाद राजपाल ने कानून का पालन करते हुए तिहाड़ जेल में पेश होकर आदेश का पालन किया।
मामला: 2010 की ‘अता पता लापता’ फिल्म
यह विवाद 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था।
भुगतान में देरी और चेक बाउंस के बाद कंपनी ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, धारा 138 के तहत केस दर्ज कराया।
ट्रायल कोर्ट ने उन्हें दोषी पाते हुए 6 महीने की सजा सुनाई।
राजपाल यादव ने हाई कोर्ट में अपील की, और जून 2024 में कुछ समय के लिए सजा पर रोक लगाई गई।
कोर्ट ने साफ कहा कि कानून का पालन करना सर्वोपरि है, किसी के पेशे या प्रतिष्ठा के आधार पर रियायत नहीं दी जा सकती।
अदालत में क्या हुआ
राजपाल यादव ने अदालत में बताया कि उन्होंने शिकायतकर्ता को 25 लाख रुपये का भुगतान किया है, और बाकी राशि का भुगतान भी करेंगे। कोर्ट ने उनका यह तर्क स्वीकार नहीं किया और आदेश दिया कि पहले जेल में सरेंडर करें।
गुरुवार शाम 4 बजे, राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में अधिकारियों के सामने खुद सरेंडर किया। अब जेल प्रशासन स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के अनुसार कार्रवाई करेगा।
कौन हैं राजपाल यादव?
राजपाल नौरंग यादव एक भारतीय अभिनेता और कॉमेडियन हैं।
बॉलीवुड में उन्हें जंगल (2000) से पहचान मिली।
उन्होंने अब तक 200+ फिल्मों में काम किया, जिनमें ‘फिर हेरा फेरी’, ‘भूल भुलैया’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘क्रेज़ी 4’, ‘भूल भुलैया 2’ जैसी हिट फिल्में शामिल हैं।
2012 में उन्होंने निर्देशन में भी कदम रखा था।
हाई कोर्ट की राय
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है और कोई भी पेशेवर रियायत का हकदार नहीं। कोर्ट ने यह भी कहा कि कानून की अवमानना करने वालों को राहत नहीं मिल सकती।
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