News Saga Desk
चतरा: सोमवार रात हुए एयर एंबुलेंस हादसे में जान गंवाने वाले सभी सात लोगों के शव मंगलवार सुबह सदर अस्पताल लाए गए। जैसे ही एंबुलेंस अस्पताल परिसर पहुंची, माहौल गमगीन हो गया। परिजनों की चीख-पुकार से पूरा परिसर दहल उठा। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी अस्पताल पहुंचे और हर किसी की आंखें नम नजर आईं।
पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल टीम गठित
प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के लिए विशेष मेडिकल टीम का गठन किया है। प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी की मौजूदगी में सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। अस्पताल परिसर के बाहर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। इस दौरान जनप्रतिनिधि भी अस्पताल पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना देते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
हादसे में इन लोगों की गई जान
इस दर्दनाक हादसे में पायलट, सह-पायलट, एक चिकित्सक, एक मेडिकल कर्मी, मरीज और उसकी पत्नी समेत कुल सात लोगों की मौत हुई है। मृतकों में डॉक्टर विकास कुमार भी शामिल हैं। वे बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र के मैनका गांव के निवासी थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा चतरा में हुई थी। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। लोग उन्हें एक मिलनसार और समर्पित चिकित्सक के रूप में याद कर रहे हैं।
बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था मरीज
हादसे में संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना कुमारी और भतीजा ध्रुव कुमार की भी मौत हो गई। संजय कुमार लातेहार जिले के चंदवा के मूल निवासी थे और डाल्टनगंज के सतबरवा में होटल व्यवसाय चलाते थे। बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट की घटना में झुलसने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया जा रहा था। इसी दौरान यह हादसा हो गया। परिवार बेहतर उपचार की उम्मीद लेकर निकला था, लेकिन रास्ते में ही यह दुखद घटना हो गई।
कई इलाकों में पसरा मातम
जैसे-जैसे मृतकों की पहचान सामने आ रही है, अलग-अलग जिलों और इलाकों में शोक का माहौल गहराता जा रहा है। गांवों और कस्बों में लोगों की भीड़ जुट रही है और हर कोई इस हादसे को कई परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति बता रहा है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और हर आंख नम है।
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