LPG Crisis Update: होर्मुज़ तनाव के बीच भारत में गैस सप्लाई सुरक्षित, रोज 50 लाख सिलेंडर डिलीवरी

News Saga Desk

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। तेल और गैस की कीमतों में उछाल के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर प्रतिबंध जैसी स्थितियों ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है। इसके बावजूद भारत में LPG सप्लाई लगभग सामान्य बनी हुई है, जो केंद्र सरकार की त्वरित और सख्त नीतियों का परिणाम माना जा रहा है।

वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन बाधित होने की आशंका के बीच भारत की स्थिति अलग नजर आ रही है। देश में न गैस की लंबी कतारें हैं, न सिलेंडर की कमी और न ही डिलीवरी में कोई देरी।

संकट के बीच मजबूत तैयारी, समय पर फैसले

भारत अपनी LPG जरूरतों का करीब 60% आयात करता है, जिसमें से लगभग 90% आपूर्ति होर्मुज़ मार्ग से गुजरती है। ऐसे में यह संकट सीधे घरेलू आपूर्ति को प्रभावित कर सकता था।

हालांकि, केंद्र सरकार ने समय रहते कदम उठाते हुए स्थिति को नियंत्रण में रखा। पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने संसद में स्पष्ट किया कि देश में घरेलू LPG सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और डिलीवरी समय में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा हालात में भी प्रतिदिन करीब 50 लाख LPG सिलेंडरों की डिलीवरी की जा रही है, और औसतन 2.5 दिन के भीतर उपभोक्ताओं तक गैस पहुंचाई जा रही है।

रिफाइनरियों को ‘मिशन मोड’ में किया गया सक्रिय

घरेलू आपूर्ति को बनाए रखने के लिए सरकार ने 8 मार्च को ‘LPG कंट्रोल ऑर्डर’ जारी किया और रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए।

पेट्रोकेमिकल सेक्टर में जाने वाली गैस को घरेलू उपयोग की ओर मोड़ा गया

उत्पादन में 25–30% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई

हर अतिरिक्त गैस को सीधे घरेलू उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां जैसे Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। वहीं निजी क्षेत्र की Reliance Industries भी इस प्रयास में शामिल है।

सरकार का स्पष्ट फोकस रहा—पहले घरेलू जरूरतें, फिर बाजार।

घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता

सरकार ने आपूर्ति प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए:

घरेलू उपभोक्ताओं को 100% सप्लाई सुनिश्चित की

अस्पतालों और स्कूलों के लिए निर्बाध आपूर्ति जारी रखी

होटल और रेस्टोरेंट को सीमित गैस उपलब्ध कराई

कमर्शियल सेक्टर को लगभग 20% गैस आवंटित की जा रही है, ताकि जमाखोरी रोकी जा सके और आम उपभोक्ताओं पर असर न पड़े।

पैनिक बुकिंग पर नियंत्रण, सिस्टम पर भरोसा बढ़ा

सरकार ने संभावित घबराहट को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए:

25 दिन से पहले नया सिलेंडर बुकिंग पर रोक

ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन का अंतराल

DAC सिस्टम से हर डिलीवरी की निगरानी

ऑनलाइन बुकिंग को बढ़ावा

इन उपायों के बाद बुकिंग संख्या 88.8 लाख से घटकर 77 लाख रह गई, जो सिस्टम में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

वैकल्पिक ईंधन और PNG पर जोर

भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए सरकार वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर भी ध्यान दे रही है। PNG कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को LPG से दूरी बनाने की सलाह दी गई है, जबकि होटल-रेस्टोरेंट को अन्य ईंधन विकल्प अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

केरोसिन, बायोमास और कोयले को अस्थायी विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करने की योजना पर भी काम हो रहा है।

सरकार ने आयात के मोर्चे पर भी सक्रियता बनाए रखी है:

80,000 टन LPG की खेप रास्ते में

अमेरिका, रूस, नॉर्वे और कनाडा से सप्लाई बढ़ाने की योजना

जमाखोरी रोकने के लिए राज्यों में छापेमारी और रियल-टाइम मॉनिटरिंग

सरकार का संदेश: घबराने की जरूरत नहीं

सरकार ने जनता से अपील की है कि केवल जरूरत पड़ने पर ही सिलेंडर बुक करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।

मौजूदा स्थिति में:

रोजाना 50 लाख सिलेंडर डिलीवर हो रहे हैं

87% बुकिंग ऑनलाइन हो रही है

सप्लाई पूरी तरह सुचारू है

वैश्विक संकट के बावजूद भारत ने मजबूत नीतियों और त्वरित फैसलों के जरिए LPG सप्लाई को स्थिर बनाए रखा है। 33 करोड़ से अधिक घरों की रसोई में बिना किसी बाधा के गैस पहुंचना इस बात का संकेत है कि संकट के समय भी सिस्टम पूरी तरह सक्षम है और आम उपभोक्ता को प्राथमिकता दी जा रही है।

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