News Saga Desk
रांची: ट्रांसजेंडर अमेंडमेंट बिल 2026 को लेकर देशभर में चर्चा शुरू होने से पहले ही विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। 13 मार्च को लोकसभा में पेश किए गए इस बिल पर अभी बहस बाकी है, लेकिन ट्रांसजेंडर समुदाय ने इसे लेकर अपनी आपत्ति जाहिर करनी शुरू कर दी है।
इसी कड़ी में राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर रविवार को ट्रांसजेंडर समाज के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बिल को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि इस नए बिल में थर्ड जेंडर की पहचान के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य करने का प्रावधान किया गया है, जो उनके अधिकारों के खिलाफ है। उनका तर्क है कि पहले ऐसी कोई बाध्यता नहीं थी और यह प्रावधान उनकी पहचान और गरिमा को ठेस पहुंचाता है।
विरोध प्रदर्शन में शामिल साध्वी अमरजीत ने कहा कि यदि इस तरह का कानून लागू किया जाता है, तो ट्रांसजेंडर समुदाय का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि झारखंड सरकार ने पहले ट्रांसजेंडर समुदाय को 2 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही थी, लेकिन अब तक उस पर अमल नहीं हुआ है।
प्रदर्शनकारियों ने झारखंड सरकार से मांग की कि इस बिल को राज्य में लागू न किया जाए और समुदाय के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
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