Gold Silver Price Crash: 40 साल की सबसे बड़ी गिरावट, कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव

News Saga Desk

नई दिल्ली: निवेश के लिहाज से सुरक्षित माने जाने वाले सोना और चांदी के बाजार में सोमवार, 23 मार्च को भारी उथल-पुथल देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, कीमती धातुओं की कीमतों में ऐसी गिरावट दर्ज की गई है, जो पिछले चार दशकों में शायद ही कभी देखी गई हो।

दिनभर उतार-चढ़ाव, अंत में हल्की रिकवरी

सोमवार को बाजार खुलने से लेकर बंद होने तक कीमतों में तेज गिरावट और आंशिक सुधार का दौर चला। 24 कैरेट सोना सुबह ₹12,077 की गिरावट के साथ ₹1.35 लाख प्रति 10 ग्राम पर खुला, हालांकि शाम तक यह कुछ संभलकर ₹1.40 लाख पर बंद हुआ। इससे पहले शुक्रवार को सोना ₹1.47 लाख पर था।

चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। यह सुबह ₹30,864 गिरकर ₹2.01 लाख प्रति किलोग्राम पर खुली और दिन के अंत में मामूली सुधार के साथ ₹2.19 लाख पर बंद हुई, जबकि शुक्रवार को यह ₹2.32 लाख पर थी।

गिरावट की मुख्य वजह क्या है?

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बड़ी गिरावट के पीछे वैश्विक तनाव प्रमुख कारण है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के चलते बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे माहौल में निवेशक सोने और चांदी में निवेश घटाकर नकदी की ओर रुख कर रहे हैं। बीते 24 दिनों में सोना ₹19,528 और चांदी ₹47,440 तक सस्ती हो चुकी है।

ऑल-टाइम हाई से तेज गिरावट

इस साल की शुरुआत में सोना और चांदी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे, लेकिन अब कीमतों में तेज गिरावट दर्ज हो रही है।
सोना 29 जनवरी को ₹1.76 लाख के ऑल-टाइम हाई पर था, जो अब ₹36,552 तक गिर चुका है। वहीं चांदी 29 जनवरी को ₹3.86 लाख के उच्चतम स्तर पर थी, जो अब ₹1.67 लाख तक टूट चुकी है।

अलग-अलग शहरों में अलग क्यों होते हैं रेट?

देश के विभिन्न शहरों में सोने-चांदी के दाम अलग-अलग होने के पीछे कई कारण हैं। इसमें ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा लागत, स्थानीय मांग और खपत, ज्वेलरी एसोसिएशन की मूल्य निर्धारण नीति और ज्वेलर्स द्वारा खरीदे गए पुराने स्टॉक की कीमतें शामिल हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक हालात सामान्य होने तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

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