दिल्ली स्थित हैदरबाद हाउस में भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar और अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio के बीच अहम बैठक हुई। इस दौरान जयशंकर ने अमेरिकी वीजा प्रक्रिया में आ रही परेशानियों का मुद्दा उठाया और वैध यात्रियों को हो रही दिक्कतों से अवगत कराया।
जयशंकर ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंधों की सबसे बड़ी ताकत दोनों देशों के बीच जन-संपर्क हैं। उन्होंने कहा कि अवैध और अनियमित आवागमन रोकने में भारत सहयोग कर रहा है, लेकिन इसका असर वैध यात्रियों, छात्रों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापार, तकनीक और रिसर्च सहयोग के लिए आसान वीजा व्यवस्था बेहद जरूरी है।
इस पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि नए वीजा नियम भारत को निशाना बनाकर नहीं बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह वैश्विक स्तर पर लागू की जा रही प्रक्रिया का हिस्सा है और फिलहाल एक संक्रमण काल चल रहा है, जिसकी वजह से कुछ दिक्कतें सामने आ रही हैं।
बैठक के दौरान रुबियो ने भारत को अमेरिका का “सबसे खास रणनीतिक साझेदार” बताया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और दोनों देशों के साझा हित कई क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत-अमेरिका संबंध पहले से ही मजबूत हैं और इन्हें “बहाल” करने की नहीं, बल्कि नई ऊंचाइयों तक ले जाने की जरूरत है।
दोनों नेताओं के बीच व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा पश्चिम एशिया, भारतीय उपमहाद्वीप और पूर्वी एशिया की स्थिति पर बातचीत हुई। जयशंकर ने ऊर्जा क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते सहयोग का भी स्वागत किया।
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