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झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स ने डिजिटल भुगतान शुल्क और MDR को लेकर चिंता जताई। चेंबर ने सरकार से UPI को शुल्कमुक्त रखने और व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ कम करने की मांग की।

झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स के कंज्यूमर ड्यूरेबल एंड इलेक्ट्रॉनिक उप समिति की बैठक मंगलवार को चेंबर भवन में आयोजित हुई। बैठक में उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कारोबार से जुड़े व्यापारियों की मौजूदा समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान घटते व्यापारिक मार्जिन, ऑनलाइन बाजार से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और डिजिटल भुगतान शुल्क को लेकर व्यापारियों ने अपनी चिंता जताई।
बैठक में सदस्यों ने कहा कि छोटे और मध्यम दुकानदार पहले से ही ऑनलाइन बाजार की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दबाव में हैं। बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से व्यापारियों के मार्जिन में लगातार कमी आई है। ऐसे में डिजिटल भुगतान और कार्ड ट्रांजैक्शन से जुड़े अतिरिक्त शुल्क उनके लिए एक और आर्थिक बोझ बन रहे हैं।
चेंबर उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने कहा कि कम मार्जिन वाले कारोबार में प्रत्येक डिजिटल या कार्ड भुगतान पर लगने वाला शुल्क सीधे व्यापारी की आय को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार और संबंधित वित्तीय संस्थानों को MDR (Merchant Discount Rate) या अन्य भुगतान संबंधी शुल्क को समाप्त अथवा न्यूनतम करने पर विचार करना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ यह भी जरूरी है कि इसे अपनाने वाले व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। विशेष रूप से छोटे दुकानदारों के लिए भुगतान शुल्क में कमी डिजिटल लेनदेन को और अधिक प्रोत्साहित कर सकती है।
UPI को शुल्कमुक्त रखने की मांग
बैठक में UPI भुगतान को लेकर भी चर्चा हुई। चेंबर उपाध्यक्ष राम बांगड़ ने कहा कि UPI देश में डिजिटल और कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। छोटे-बड़े व्यापारी और आम उपभोक्ता तेजी से UPI का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में इसे किसी भी प्रकार के अतिरिक्त शुल्क से मुक्त रखना जरूरी है।

व्यापारियों ने आशंका जताई कि यदि डिजिटल भुगतान पर किसी भी रूप में अतिरिक्त लागत बढ़ती है, तो छोटे व्यापारियों के लिए डिजिटल भुगतान स्वीकार करना मुश्किल हो सकता है। इसका असर उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है और वे डिजिटल भुगतान के इस्तेमाल को लेकर हतोत्साहित हो सकते हैं।
डिजिटल इंडिया को मजबूत करने पर जोर
चेंबर की ओर से केंद्र सरकार से आग्रह किया गया कि कैशलेस इंडिया और डिजिटल इंडिया की भावना को मजबूत करने के लिए UPI को सरल, सुरक्षित और न्यूनतम लागत वाला भुगतान माध्यम बनाए रखा जाए। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान की स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है, जिसमें व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को अतिरिक्त लागत का सामना न करना पड़े।
बैठक में चेंबर उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया और राम बांगड़, सह सचिव रोहित पोद्दार, उप समिति अध्यक्ष श्रीकृष्ण अग्रवाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
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