सिजुआ भूधसान में कई घर जमींदोज हो गए। हादसे में एक मासूम की मौत और कई लोग घायल हुए। लोगों ने पुनर्वास और मुआवजे की मांग की।
News Saga Desk
धनबाद के जोगता थाना क्षेत्र स्थित सिजुआ 10 नंबर में मंगलवार की सुबह हुए सिजुआ भूधसान ने पूरे इलाके को दहला दिया। सुबह करीब साढ़े पांच बजे अचानक तेज आवाज के साथ जमीन का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। हादसा उस समय हुआ जब ज्यादातर लोग अपने घरों में सो रहे थे। अचानक जमीन धंसने से कई मकान इसकी चपेट में आकर जमींदोज हो गए। घटना में दो बच्चों समेत कई महिलाएं घायल हो गईं। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान एक मासूम की मौत हो गई।

घटना के बाद सिजुआ 10 नंबर और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जमीन धंसने के साथ ही कई स्थानों पर गहरी दरारें पड़ गईं, जिससे स्थानीय लोगों में भय और बढ़ गया। लोगों को आशंका है कि जमीन के भीतर चल रही गतिविधियों के कारण आने वाले समय में भी खतरा बना रह सकता है।
सुबह अचानक धंसी जमीन, मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मंगलवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे अचानक तेज आवाज सुनाई दी। जब लोगों ने बाहर निकलकर देखा तो जमीन का एक बड़ा हिस्सा धंस चुका था। कुछ ही समय में कई घर इसकी चपेट में आ गए। घरों के क्षतिग्रस्त होने से लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई।
स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत और बचाव का काम शुरू किया। मलबे और प्रभावित इलाकों से लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। घायलों को स्थानीय स्तर पर अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में घायल एक मासूम की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद प्रभावित परिवारों में मातम और इलाके में दहशत का माहौल है।
कई घर जमींदोज, जमीन में पड़ीं गहरी दरारें
सिजुआ भूधसान के कारण कई मकानों को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित इलाके में जमीन पर गहरी दरारें भी दिखाई दीं। इस वजह से आसपास रहने वाले लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें लगातार जमीन धंसने का डर बना रहता है।
लोगों का आरोप है कि सिजुआ क्षेत्र में लंबे समय से कोयला खनन और भूमिगत गतिविधियों के कारण जमीन कमजोर हो चुकी है। उनका कहना है कि खतरे वाले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की मांग पहले भी उठती रही है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया।
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बीसीसीएल और प्रशासन पर लोगों का आक्रोश
हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा बीसीसीएल और जिला प्रशासन के खिलाफ देखने को मिला। लोगों ने आरोप लगाया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा और पुनर्वास को लेकर पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।
स्थानीय लोगों की प्रमुख मांग है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए। इसके साथ ही उन्हें उचित मुआवजा और स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था मिले। लोगों का कहना है कि सिर्फ हादसे के बाद राहत पहुंचाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।
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