News Saga Desk
सिसई फुटबॉल महाकुंभ में JDT ने पेनाल्टी शूटआउट में सरना ब्रदर्स को हराकर खिताब जीता। जयराम महतो ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
सिसई: गुमला जिले के सिसई प्रखंड स्थित साताशिली रामनवमी मैदान में जेएलकेएम की ओर से आयोजित चार दिवसीय सिसई फुटबॉल महाकुंभ का मंगलवार को रोमांचक फाइनल मुकाबले के साथ समापन हो गया। खिताबी मुकाबले में जेगो धावठाटोली गुमला (जेडीटी) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सरना ब्रदर्स बरटोली को पेनाल्टी शूटआउट में एक गोल से हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। चार दिनों तक चली इस प्रतियोगिता में अंतरजिला स्तर की कुल 32 टीमों ने हिस्सा लिया। फाइनल मुकाबले के दौरान मैदान में बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
पेनाल्टी शूटआउट में हुआ विजेता का फैसला
सिसई फुटबॉल महाकुंभ का फाइनल जेगो धावठाटोली गुमला और सरना ब्रदर्स बरटोली के बीच खेला गया। दोनों टीमों ने खिताब जीतने के लिए मैदान पर पूरा दमखम दिखाया। निर्धारित समय में मुकाबला बेहद संघर्षपूर्ण रहने के बाद विजेता का फैसला पेनाल्टी शूटआउट के जरिए हुआ।
पेनाल्टी शूटआउट में जेगो धावठाटोली गुमला की टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया और सरना ब्रदर्स बरटोली को एक गोल के अंतर से मात देकर प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम कर लिया। जीत के बाद खिलाड़ियों और टीम समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। वहीं उपविजेता सरना ब्रदर्स के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की भी सराहना की गई।
चार दिवसीय प्रतियोगिता में 32 टीमों की भागीदारी ने स्थानीय स्तर पर फुटबॉल के प्रति युवाओं के उत्साह को भी सामने रखा। प्रतियोगिता के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।
जयराम महतो ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि
फाइनल मुकाबले में डुमरी विधायक और जेएलकेएम सुप्रीमो जयराम महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले उनके काफिले ने शहीद तेलंगा खड़िया और शहीद लोहरा उरांव की प्रतिमा पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके बाद जयराम महतो साताशिली रामनवमी मैदान पहुंचे और फाइनल मुकाबले में शामिल खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उनकी मौजूदगी को लेकर कार्यक्रम स्थल पर पार्टी कार्यकर्ताओं और खेल प्रेमियों में भी उत्साह रहा।

विजेता JDT को मिले 25 हजार रुपये
सिसई फुटबॉल महाकुंभ के समापन पर बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि जयराम महतो ने विजेता जेगो धावठाटोली गुमला की टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया। उपविजेता सरना ब्रदर्स बरटोली की टीम को 20 हजार रुपये दिए गए।
प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल करने वाली टीम को 15 हजार रुपये और चौथे स्थान पर रही टीम को 10 हजार रुपये नकद पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा पांचवें से आठवें स्थान तक रहने वाली टीमों को भी पांच-पांच हजार रुपये की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया।
आयोजकों की ओर से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए रखी गई पुरस्कार राशि ने प्रतियोगिता को और आकर्षक बनाया। स्थानीय खिलाड़ियों के साथ अंतरजिला टीमों की भागीदारी के कारण पूरे आयोजन में प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।
खेल भाईचारे और अनुशासन का संदेश देता है: जयराम महतो
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए जयराम महतो ने कहा कि खेल में जीत और हार होती रहती है, लेकिन मैदान से मिलने वाला संदेश इससे कहीं बड़ा होता है। उन्होंने कहा कि खेल टीम भावना, अनुशासन और आपसी भाईचारे को मजबूत करता है।
उन्होंने खिलाड़ियों को परिणाम से निराश या अत्यधिक उत्साहित होने के बजाय खेल भावना के साथ लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। जयराम महतो ने युवाओं से अपनी प्रतिभा निखारने और खेल के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने की अपील भी की।
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सिसई फुटबॉल महाकुंभ जैसे आयोजनों का स्थानीय स्तर पर प्रभाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बड़े मंच तक पहुंचने के लिए शुरुआती स्तर पर ऐसी प्रतियोगिताएं अवसर उपलब्ध कराती हैं। इससे युवाओं के बीच खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलने के साथ अलग-अलग क्षेत्रों के खिलाड़ियों के बीच संवाद और प्रतिस्पर्धा भी बढ़ती है।
JPSC-CGL को लेकर सरकार पर साधा निशाना
खेल प्रतियोगिता के मंच से जयराम महतो ने राज्य के राजनीतिक और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने जेपीएससी और सीजीएल से जुड़े कथित पेपर लीक मामलों का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार और सत्तारूढ़ दल पर आरोप लगाए।
जयराम महतो ने दावा किया कि वर्तमान व्यवस्था में गरीब परिवारों के युवाओं के लिए पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार हासिल करना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने राज्य की नौकरियों में बाहरी अभ्यर्थियों को अवसर दिए जाने का भी आरोप लगाया। ये जयराम महतो के राजनीतिक आरोप हैं; इस कार्यक्रम में इन आरोपों पर राज्य सरकार या सत्तारूढ़ दल की प्रतिक्रिया का उल्लेख सामने नहीं आया।

चार दिनों तक चले सिसई फुटबॉल महाकुंभ ने स्थानीय और आसपास के जिलों के खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया। 32 टीमों की भागीदारी के कारण शुरुआती मुकाबलों से लेकर फाइनल तक खेल प्रेमियों की दिलचस्पी बनी रही।
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आम लोगों और खिलाड़ियों के लिए इस आयोजन का मुख्य संदेश खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देना रहा। प्रतियोगिता में पहले आठ स्थानों पर रहने वाली टीमों को नकद पुरस्कार दिए गए। आयोजकों के अनुसार ऐसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को खेल से जोड़ने और उनकी प्रतिभा को आगे लाने में मदद मिलती है। फाइनल में JDT की जीत के साथ चार दिवसीय प्रतियोगिता का समापन हुआ।
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