रांची के बड़गांई अंचल की 8.86 एकड़ जमीन घोटाले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन पर अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी। ED की विशेष PMLA कोर्ट में हुई सुनवाई।
झारखंड की राजधानी रांची के बड़गांई अंचल स्थित 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मुश्किलें कम होती नज़र नहीं आ रही हैं। सोमवार को रांची स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष PMLA अदालत में इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े आरोप गठन (Framing of Charges) के मुद्दे पर अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तारीख मुकर्रर की है।

अन्य 16 आरोपियों के खिलाफ प्रक्रिया जारी
विशेष PMLA अदालत इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया को पहले ही आगे बढ़ा चुकी है। ईडी द्वारा दाखिल चार्जशीट में कुल 16 आरोपियों को नामजद किया गया है।
इनमें राजस्व उप-निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद के अलावा पूर्व पार्षद अंतू तिर्की, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह, बिजेंद्र सिंह, बिपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय, मनोज कुमार यादव, कुमार राजश्री, जमीन के मूल रैयत कहे जाने वाले राजकुमार पाहन, संजीत कुमार, शेखर कुशवाहा, तापस घोष, मोहम्मद इरसाद अख्तर, अफसर अली, मोहम्मद सद्दाम हुसैन और मोहम्मद इरसाद शामिल हैं।
हाईकोर्ट से झटका लगने के बाद बढ़ीं कानूनी अड़चनें
इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विशेष PMLA अदालत द्वारा उनकी डिस्चार्ज याचिका (मुक्त करने की याचिका) खारिज किए जाने के आदेश को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने मामले पर रोक लगाने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी थी।
हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद निचली अदालत में आरोप गठन की कानूनी प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया। अब 24 सितंबर को होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं, जहां अदालत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय करने की दिशा में अगली सुनवाई करेगी।
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