News Saga Desk
पटना। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की, कि बिहार में डेयरी अब एक स्वतंत्र विभाग के रूप में विकसित होगा। इसके लिए प्रस्ताव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने आगामी दो वर्षों में दूध उत्पादन को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही सड़कों पर घूमने वाली आवारा गाय, भैंसों व बैलों को प्रखंड स्तर पर रखे जाने की व्यवस्था भी की जाएगी, जिसके लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
वे बुधवार को पटना में राष्ट्रीय दुग्ध दिवस पर पशु व मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में दूध उत्पादन में व्यापक वृद्धि दर्ज की गई है और यह तीन गुना तक बढ़ चुका है। राज्य का प्रसिद्ध दुग्ध ब्रांड “सुधा” अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बना चुका है। सरकार की योजना है कि इसकी इकाइयों का विस्तार प्रखंड स्तर तक किया जाए और इसे सीधा पंचायतों से जोड़ा जाए।
कार्यक्रम में पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि दुग्ध उद्योग अब बड़े पैमाने का व्यापार बन चुका है, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ी है। विकास आयुक्त डॉ. एस सिद्धार्थ ने बताया कि दूध उत्पादन किसानों की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन विजयलक्ष्मी ने भी दूध व मत्स्य क्षेत्र को किसानों की आमदनी दोगुनी-तिगुनी करने में सक्षम बताया।
कार्यक्रम में मिथिला मिल्क यूनियन की सलकाही महिला समिति की सदस्य ज्योति कुमारी सिन्हा, जो रोज 215 लीटर दूध आपूर्ति करती हैं, को सम्मानित किया गया। इसके अलावा उत्कृष्ट डीसीएस समितियों और श्रेष्ठ पुरुष दुग्ध दाताओं को भी सम्मान प्रदान किया गया।
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