News Saga Desk
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद एनडीए की नई सरकार बन चुकी है और इस चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। जीत के बाद बुधवार को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा दिल्ली में एक विशेष धन्यवाद डिनर की मेजबानी कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में उन नेताओं को आमंत्रित किया गया है, जिन्हें चुनाव के दौरान बिहार में विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी इस डिनर का हिस्सा होंगे। यह आयोजन न केवल जीत का जश्न है, बल्कि भविष्य की चुनावी रणनीतियों पर अनौपचारिक चर्चा का अवसर भी होगा।
चुनाव में ‘स्पेशल 45’ ने निभाई अहम भूमिका
बिहार चुनाव अभियान में भाजपा ने दिल्ली, यूपी, हरियाणा, मध्य प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान समेत कई राज्यों से नेताओं को शामिल किया था, जिन्हें स्पेशल 45 का नाम दिया गया। हर नेता को एक लोकसभा क्षेत्र और उससे जुड़े छह विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई। महीनों तक जमीनी स्तर पर काम कर इन नेताओं ने संगठन मजबूत किया और भाजपा के पक्ष में वोटर माहौल तैयार किया। कई मंत्री आम कार्यकर्ता की तरह गलियों-मोहल्लों में प्रचार करते देखे गए, जिसका सकारात्मक असर परिणामों में दिखा।
रणनीति साझा होगी, अगली लड़ाई की तैयारी भी
चुनाव में केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान को प्रभारी तथा केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल और यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को सह-प्रभारी की ज़िम्मेदारी दी गई थी। दिल्ली में आयोजित डिनर में इन नेताओं के अनुभव साझा किए जाएंगे, जिनका उपयोग भाजपा आगामी पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और असम चुनावों में कर सकती है। अनुमान है कि बिहार का सफल कैंपेन मॉडल अन्य राज्यों में भी लागू होगा।
सूची में कई राज्यों के अनुभवी और वरिष्ठ नेता थे, जिनमें शामिल हैं—
- मध्य प्रदेश : पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद बीडी शर्मा, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल
- उत्तर प्रदेश : स्वतंत्र देव सिंह, सतीश गौतम, राजकुमार चाहर
- राजस्थान : राजेंद्र राठौड़
- छत्तीसगढ़ : संतोष पांडे, विजय बघेल
- दिल्ली : रमेश बिधूड़ी, हर्ष मल्होत्रा
- गुजरात : देवुसिंह चौहान, मितेश पटेल
- हरियाणा : सुनीता दुग्गल
- जम्मू-कश्मीर : जुगल किशोर शर्मा
- झारखंड : मनीष जायसवाल, कालिचरण सिंह
- ओडिशा : अनंत नायक
आदि।
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