“हाईकोर्ट के अंतिम आदेश के बाद एपीपी की 160 नियुक्तियां अटकी”

News Saga Desk

रांची। झारखंड अभियोजन सेवा के तहत सहायक लोक अभियोजक (एपीपी) के 160 पदों पर होनेवाली नियुक्ति झारखंड हाई कोर्ट के दो याचिकाओं के मामले में आनेवाले अंतिम आदेश से प्रभावित होगी। झारखंड लोक सेवा आयोग ने यह सूचना प्रकाशित करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। जितने पदों के विरुद्ध नियुक्ति हाेगी, उनमें 134 नियमित तथा 26 बैकलाग पद सम्मिलित हैं।

इससे पहले आयोग ने उच्च न्यायालय द्वारा 11 जुलाई को पारित आदेश के तहत उम्र सीमा का कट आफ डेट एक अगस्त 2019 करते हुए विज्ञापन में संशोधन किया था।

आयु सीमा का कट आफ डेट एक अगस्त 2018 किया गया 

साथ ही आवेदन की समय सीमा बढ़ा दी थी। इसके बाद आयोग ने उच्च न्यायालय के ही एक अन्य मामले में पारित आदेश के तहत आयु सीमा का कट आफ डेट एक अगस्त 2018 किया गया। साथ ही आफलाइन आवेदन की समय सीमा आठ सितंबर तक बढ़ाई गई। इस तरह आफलाइन आवेदन की निर्धारित अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद आयोग ने परीक्षा प्रक्रिया संबंधित कार्रवाई को आगे जारी रखने का निर्णय लिया है। यह कोर्ट के अंतिम आदेश से प्रभावित होगी। बताते चलें कि शुरू में आयु सीमा का कट आफ डेट एक अगस्त 2024 निर्धारित किया गया था, जिसे कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

न्यायिक सेवा के दो अफसरों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति

झारखंड हाईकोर्ट की अनुशंसा पर न्यायिक सेवा के दो अफसरों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है। इनके नाम क्रमश: लक्ष्मण प्रसाद और तौफीक अहमद हैं। न्यायिक सेवा के इन दोनों अधिकारियों को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत कराए जाने से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है। इन्हें इसके साथ नियमानुसार तीन महीने का वेतन दिया गया है।

लक्ष्मण प्रसाद, चाइबासा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश (एसीबी) के पद पर पदस्थापित थे तो तौफीक अहमद विधि विभाग में अवर सचिव सह विधि परामर्शी के पद पर पदस्थापित थे। दोनों लंबे समय से बीमार होने के कारण अपना कर्तव्य नहीं निभा पा रहे थे।


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