News Saga Desk
बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन एक अप्रत्याशित स्थिति दिखाई दी, जब राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का संबोधन तकनीकी बाधा के कारण बिना माइक के शुरू हुआ। जैसे ही सुबह 11:30 बजे उनका भाषण शुरू हुआ, माइक अचानक बंद हो गया। लगभग पांच मिनट तक आवाज न आने के बावजूद उन्होंने जोर से बोलते हुए अपना अभिभाषण जारी रखा। इस दौरान मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री स्थिति समझने की कोशिश में इधर-उधर देखते रहे। आखिरकार राज्यपाल ने मुस्कुराते हुए कहा— “मैं थोड़ा जोर से बोल देता हूं” और आगे अपना भाषण पढ़ा।
राज्यपाल का बड़ा ऐलान: 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार
राज्यपाल ने सरकार की प्रमुख योजनाओं और उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले पांच वर्षों में राज्य में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार और नौकरी उपलब्ध कराई जाएगी। उनकी रिपोर्ट के अनुसार:
राज्य में अब 5.2 लाख शिक्षक कार्यरत हैं।
27 जिलों में सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं।
IGIMS को 3,000 बेड के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे छात्रों को बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी।
महिलाओं और आम उपभोक्ताओं के लिए नई घोषणाएँ
राज्यपाल ने बताया कि सरकार सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान दे रही है।
व्यवसाय चला रही महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।
तलाकशुदा महिलाओं की सहायता राशि बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी गई है।
ग्राम परिवहन योजना अब पंचायत स्तर तक लागू हो चुकी है।
साथ ही सभी घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली देने का वादा दोहराया गया।
सदन में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज
राज्यपाल के अभिभाषण के बाद राजनीतिक गतिविधियाँ भी तेज हो गईं।
नीतीश कुमार को सदन का नेता चुना गया।
तेजस्वी यादव अब नेता प्रतिपक्ष रहेंगे।
जेडीयू विधायक नरेंद्र नारायण यादव ने विधानसभा उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन कर दिया है, और माना जा रहा है कि उनका चयन लगभग तय है, क्योंकि 2024 में भी वे इसी पद पर थे।
243 में से 241 विधायकों ने ली शपथ
सत्र के दौरान 243 में से 241 विधायकों ने शपथ ली। मोकामा के विधायक अनंत सिंह और कुचायकोट के विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय की शपथ अभी बाकी है।
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