News Saga Desk
बिहार : बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली इस सरकार में जदयू से आठ और भाजपा से दो उपमुख्यमंत्री सहित चौदह मंत्री शामिल हैं। हालांकि संख्या के लिहाज से भाजपा मजबूत दिखाई देती है, लेकिन बजट और अहम विभागों के मामले में जदयू का दबदबा साफ झलक रहा है।
जदयू के पास महत्वपूर्ण मंत्रालय
इस बार जदयू को गृह विभाग भले न मिला हो, लेकिन वित्त, सामान्य प्रशासन, शिक्षा और विकास से जुड़े कई बड़े मंत्रालय अनुभवी नेताओं को सौंपे गए हैं। ज्यादातर मंत्री अपने विभागों में पहले भी काम कर चुके हैं, जिससे परियोजनाओं की गति और तेज होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री नीतीश के पास सामान्य प्रशासन व निगरानी सहित कई अहम विभाग
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सामान्य प्रशासन, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी और निर्वाचन जैसे अहम विभाग अपने पास रखे हैं। ये विभाग सीधे शासन व्यवस्था को प्रभावित करते हैं।
विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को बड़ी भूमिका
जदयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी को सूचना एवं जनसंपर्क, संसदीय कार्य, जल संसाधन और भवन निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विभाग मिले हैं। जल संसाधन विभाग में उनकी पूर्व उपलब्धियों को देखते हुए यह जिम्मेदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
वहीं, बिजेंद्र प्रसाद यादव को ऊर्जा, योजना एवं विकास, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन तथा वित्त व वाणिज्यकर की कमान देते हुए उन्हें पांच विभागों का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। ऊर्जा और जीएसटी के क्षेत्र में उनके पूर्व कार्यों की व्यापक सराहना हुई है।
अन्य मंत्रियों को भी मिले खास विभाग
- श्रवण कुमार – ग्रामीण विकास एवं परिवहन विभाग
- अशोक चौधरी – ग्रामीण कार्य विभाग
- लेशी सिंह – खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण
- मदन सहनी – समाज कल्याण विभाग
- सुनील कुमार – शिक्षा, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा
- मो. जमा खान – अल्पसंख्यक कल्याण
इन सभी मंत्रियों का अपने-अपने विभागों में पूर्व प्रदर्शन अच्छा रहा है। ऐसे में इस कार्यकाल में भी बेहतर परिणामों की उम्मीद की जा रही है।
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