बिहार की कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार, 217 रेलवे ब्रिज निर्माण को हरी झंडी, 20 लाख लोगों को होगा सीधा फायदा

News Saga Desk

बिहार में अब रेलवे फाटकों पर लंबा इंतजार लोगों की मजबूरी नहीं रहेगा। राज्य में बड़ी संख्या में रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) और रेलवे अंडर ब्रिज (RUB) बनाए जाने की योजना को मंजूरी मिल गई है। इसके तहत बिहार में करीब 217 रेलवे फाटकों पर आरओबी या आरयूबी का निर्माण किया जाएगा, जिससे लाखों लोगों को राहत मिलेगी।

इस योजना को लेकर रेलवे और राज्य सरकार के बीच एमओयू साइन हो चुका है और रेलवे की ओर से भी सहमति दे दी गई है। दानापुर, फुलवारी शरीफ, मसौढ़ी समेत राज्य के कई प्रमुख और व्यस्त रेलवे फाटकों को इस परियोजना में शामिल किया गया है।

जानकारी के अनुसार, 217 आरओबी और आरयूबी के निर्माण कार्य को 18 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना में एनओसी से जुड़ी कोई बड़ी समस्या नहीं आएगी। इन पुलों के बन जाने से करीब 20 लाख से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।

जिन प्रमुख रेलवे फाटकों पर आरओबी या आरयूबी बनाए जाएंगे, उनमें दानापुर, फुलवारी शरीफ, मसौढ़ी, थलवारा–लहेरियासराय, वारिसलीगंज–नवादा, डुमरांव–बरूना, मशरख–श्याम कौड़िया, बरौनी–तिलरथ, सहरसा–पूर्णिया, सुगौली–मंझौलिया, चकिया–मेहसी, रघुनाथपुर, बरौनी–तेघड़ा सहित लगभग 217 स्थान शामिल हैं।

गौरतलब है कि रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण को लेकर वर्ष 2019 में राज्य सरकार और रेल मंत्रालय के बीच एमओयू हुआ था। उस समय बिहार में 44 आरओबी बनाने का फैसला लिया गया था, जिसमें निर्माण लागत में राज्य सरकार की हिस्सेदारी भी तय की गई थी। अब इस योजना का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है।

आरओबी और आरयूबी के निर्माण से न सिर्फ सड़क यातायात सुगम होगा, बल्कि दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। साथ ही बिहार में रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। राज्य में कई जिलों में नई रेलवे लाइनों का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे आवागमन और विकास को और गति मिलने की उम्मीद है।

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