News Saga Desk
भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य इस समय वित्तीय संकट के दौर से गुजर रहा है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने रांची में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में उत्पन्न स्थिति वित्तीय कुप्रबंधन का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि महीने की 11 तारीख हो जाने के बावजूद भी सरकारी कर्मियों को वेतन नहीं मिला है। राज्य में करीब 2 लाख 35 हजार से अधिक नियमित कर्मचारी और 40 हजार से अधिक संविदा कर्मी कार्यरत हैं, लेकिन सरकार लाखों कर्मचारियों को समय पर वेतन देने में असमर्थ साबित हुई है।
प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि एक ओर कर्मचारी वेतन के लिए परेशान हैं, वहीं मुख्यमंत्री अपने लिए 100 करोड़ रुपये का ‘शीश महल’ बनवाने में व्यस्त हैं। इसके साथ ही मंत्रियों के लिए भी करोड़ों रुपये की लागत से आवास बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में यह पहली बार है जब सरकारी कर्मियों को तय समय पर वेतन नहीं मिला है। हालात ऐसे हैं कि सरकार अब कर्ज लेकर वेतन देने की तैयारी कर रही है।
इसके अलावा, ट्रेजरी घोटाले की जांच को लेकर भी भाजपा ने सवाल उठाए हैं। पार्टी ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले की जांच सीआईडी से कराने जा रही है, जिसका भाजपा विरोध करती है। भाजपा की मांग है कि इतने बड़े घोटाले की जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराई जानी चाहिए।
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