News Saga Desk
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में आम बजट पेश किए जाने के बाद झारखंड भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बजट को देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया है। बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बाबूलाल मरांडी ने रांची स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वित्त मंत्री के बजट भाषण को सभी ने सरसरी तौर पर सुना है। बजट के विस्तृत अध्ययन के बाद पार्टी की ओर से और भी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी, लेकिन पहली नजर में यह स्पष्ट है कि यह बजट वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि आम बजट में आर्थिक विकास को तेज करने, उत्पादन बढ़ाने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने इस बात पर गंभीरता से काम किया है कि आम लोगों की आय कैसे बढ़े और युवाओं को रोजगार के नए अवसर कैसे मिलें।
बाबूलाल मरांडी ने बताया कि बजट में बायो-फार्मा और फार्मास्युटिकल सेक्टर को मजबूत करने की बड़ी घोषणाएं की गई हैं। भारत को दवा उत्पादन का वैश्विक हब बनाने की दिशा में यह एक अहम कदम है। इससे न केवल देश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि दवाओं के निर्यात के माध्यम से विदेशी मुद्रा अर्जित करने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से क्लीनिकल ट्रायल के लिए देशभर में 1000 नए स्थलों के विकास का प्रस्ताव रखा गया है, जिसके लिए करीब 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह निवेश स्वास्थ्य अनुसंधान और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती देगा।
कांग्रेस द्वारा महात्मा गांधी के नाम पर उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि गांधी जी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान चरखा और खादी के माध्यम से रोजगार को बढ़ावा दिया था। आज के बजट में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना और टेक्सटाइल सेक्टर को विशेष प्राथमिकता दी गई है। ये दोनों ऐसे क्षेत्र हैं जो सीधे तौर पर रोजगार उपलब्ध कराते हैं। ऐसे में विपक्ष को विरोध करने के बजाय खुशी मनानी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि बजट में देशभर में 200 औद्योगिक कॉरिडोर स्थापित करने की घोषणा की गई है। इससे राज्यों में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। हालांकि इसका वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि राज्य सरकारें जमीन, बुनियादी ढांचा और अन्य संसाधन कितनी तत्परता से उपलब्ध कराती हैं।
एमएसएमई सेक्टर पर बोलते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए ग्रोथ फंड, आसान ऋण और वित्तीय सहायता योजनाएं लाई गई हैं। इससे देश के सभी राज्यों में छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य भारत को मेडिकल टूरिज्म हब बनाने का भी है। झारखंड की जलवायु, प्राकृतिक सुंदरता और मानव संसाधन इस क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं रखते हैं। अगर राज्य में अच्छे अस्पताल, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण इलाज की व्यवस्था विकसित की जाए, तो झारखंड इस योजना का बड़ा लाभ उठा सकता है।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड की आदिवासी बेटियों को नर्सिंग और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी ट्रेनिंग देकर रोजगार से जोड़ा जा सकता है। साथ ही बजट में प्रत्येक जिले में छात्राओं के लिए हॉस्टल निर्माण की घोषणा बेहद महत्वपूर्ण है। इससे ग्रामीण और दूरदराज की छात्राओं को शिक्षा के दौरान होने वाली कई समस्याओं से राहत मिलेगी और वे सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकेंगी।
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