News Saga Desk
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत ऋण लेकर बकाया नहीं चुकाने वाले डिफॉल्टरों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है। गढ़वा के जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश ने अंतिम चेतावनी जारी करते हुए सभी बकायेदार ऋणधारकों को निर्देश दिया है कि वे 31 दिसंबर तक अपना लंबित बकाया अनिवार्य रूप से जिला कल्याण कार्यालय में जमा कर दें।
निर्धारित समय-सीमा के बाद भुगतान नहीं करने वाले डिफॉल्टरों के आधार कार्ड से जुड़े बैंक खाते फ्रीज कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही डिफॉल्टर ऋणधारकों के अलावा उनके गारंटरों के नाम और कुल बकाया राशि की सूची भी सार्वजनिक की जाएगी, जिसे अखबारों में प्रकाशित किया जाएगा।
जिला कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि झारखंड सरकार ने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बेहद रियायती दर पर ऋण उपलब्ध कराया था। इस राशि का निजी उपयोग या दुरुपयोग गबन की श्रेणी में आएगा। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह डिफॉल्टरों के लिए अंतिम अवसर है। तय समय के बाद की जाने वाली किसी भी कानूनी कार्रवाई के लिए ऋणधारक स्वयं जिम्मेदार होंगे।
प्रशासन ने यह भी कहा कि ऋण वसूली और कानूनी कार्रवाई में आने वाला पूरा खर्च भी संबंधित डिफॉल्टर से ही वसूला जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, लौटाई गई ऋण राशि से ही रीसायकल मोड में नए बेरोजगार युवाओं को लोन दिया जाता है। बकाया जमा नहीं होने की स्थिति में जिले के जरूरतमंद युवाओं को ऋण देना संभव नहीं हो पाएगा।
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