News Saga Desk
रामगढ़ स्थित आलोक इंडस्ट्री पर प्रदूषण फैलाने के आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कड़ा रुख अपनाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वायरल हुए एक वीडियो का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने रामगढ़ के उपायुक्त को पूरे मामले की तत्काल जांच करने और न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जांच रिपोर्ट से अवगत कराने को भी कहा है।
यह मामला तब सामने आया, जब रामगढ़ निवासी सुरेंद्र नामक युवक ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में आलोक इंडस्ट्री के आसपास झाड़ियों और पेड़-पौधों पर भारी मात्रा में राख जमी हुई दिखाई दे रही है। वीडियो में यह भी दिखाया गया है कि राख को हाथ से उड़ाने पर हवा में फैलते हुए पूरे इलाके को प्रदूषित कर रही है, जिससे आसपास का पर्यावरण बुरी तरह प्रभावित होने का दावा किया गया है।
यह वीडियो एक्स पर अशोक दानोदा नामक अकाउंट से पोस्ट किया गया था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे री-ट्वीट करते हुए साफ शब्दों में कहा कि ऐसी स्थिति किसी भी सूरत में बर्दाश्त योग्य नहीं है। मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया के बाद जिला प्रशासन की भूमिका और संभावित कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
गौरतलब है कि रामगढ़ जिले में पहले भी कई औद्योगिक इकाइयों पर प्रदूषण फैलाने और मजदूरों के शोषण के आरोप लगते रहे हैं। इन औद्योगिक गतिविधियों के चलते रामगढ़, हजारीबाग और बोकारो के कुछ इलाकों में अवैध कोयला खनन और कारोबार के पनपने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। ऐसे में अब सभी की नजरें रामगढ़ जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस मामले में आगे क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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