News Saga Desk
उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में शून्य दृश्यता की स्थिति बनी हुई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 शहरों के लिए घने कोहरे का रेड अलर्ट और 31 शहरों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं शनिवार को प्रदेश के 20 जिलों में शीत दिवस की चेतावनी दी गई है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ठंड का प्रकोप सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। मेरठ में न्यूनतम तापमान गिरकर 5.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान है। मेरठ और इटावा में जमा देने वाली ठंड से लोग ठिठुरते नजर आए।
शून्य विजिबिलिटी से यातायात प्रभावित
शुक्रवार सुबह प्रदेश के पांच प्रमुख केंद्रों पर दृश्यता शून्य दर्ज की गई, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर व्यापक असर पड़ा। बरेली, गोरखपुर, कुशीनगर और कानपुर में हालात सबसे ज्यादा खराब रहे। बहराइच, लखनऊ एयरपोर्ट, फतेहगढ़, कानपुर शहर और हरदोई में दृश्यता मात्र 20 मीटर तक सिमट गई।
तापमान के लिहाज से भी हालात चिंताजनक हैं। सुलतानपुर में अधिकतम तापमान केवल 13.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 8.1 डिग्री कम है। वहीं बहराइच में दिन का अधिकतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
शीतलहर और पाले से बढ़ी मुश्किलें
प्रदेश के कई इलाकों में शीतलहर, घना कोहरा और पाले की वजह से ठंड और भी बढ़ गई है। दिन में भी धुंध छाए रहने से अधिकतम तापमान में औसतन 4.7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। बर्फीली हवाओं के चलते गलन और ठिठुरन अपने चरम पर है।
मौसम विभाग ने बताया कि जेट स्ट्रीम की ऊंचाई में गिरावट के कारण कश्मीर से लेकर बिहार तक शीतलहर का असर देखा जा रहा है। प्रदेश में सुबह से ही गलन शुरू हो जाती है, जो शाम तक खतरनाक स्तर पर पहुंच रही है। विभाग ने रविवार के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया है और आने वाले दिनों में ठंड से राहत के कोई संकेत नहीं दिए हैं।
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