बिहार में नए साल से पहले ठंड का कहर, घना कोहरा और कोल्ड-डे का अलर्ट, राहत के आसार कम

News Saga Desk

पटना: बिहार में चार दिन बाद निकली धूप भी लोगों को ठंड से राहत नहीं दिला सकी। शाम ढलते ही उत्तर दिशा से चल रही ठंडी पछुआ हवाओं ने पूरे राज्य को फिर अपनी गिरफ्त में ले लिया। नए साल के ठीक पहले बिहार में ठंड, घने कोहरे और कोल्ड-डे की मार और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार बुधवार और 1 जनवरी को भी राज्य के कई हिस्सों में घना कोहरा और शीत दिवस जैसी स्थिति बनी रह सकती है। गयाजी, औरंगाबाद और नालंदा में भीषण कोल्ड-डे दर्ज किया गया है, जबकि रोहतास के डेहरी में शीत दिवस की स्थिति बनी रही। न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट और उत्तर से आ रही ठंडी हवाओं ने ठिठुरन को और बढ़ा दिया है।

न्यू ईयर पर भी जारी रहेगा ठंड का प्रकोप

नए साल की शुरुआत बिहार में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के साथ होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 1 जनवरी को कई जिलों के लिए कोल्ड-डे और घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। पछुआ हवाओं के चलते कनकनी पूरे दिन बनी रह सकती है। पटना समेत आठ जिलों में अगले पांच दिनों तक धूप निकलने की संभावना बेहद कम जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक पछुआ हवाएं कमजोर नहीं पड़तीं और पश्चिमी विक्षोभ का असर कम नहीं होता, तब तक ठंड से राहत मिलना मुश्किल है।

2026 के पहले दिन उत्तर बिहार के सभी 19 जिलों-मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, गोपालगंज, सीवान समेत-में घना कुहासा और कोल्ड-डे रहने का पूर्वानुमान है। वहीं, भागलपुर, नवादा, गया, पटना, बक्सर और कैमूर सहित दक्षिण बिहार के जिलों में घने स्तर का कोहरा छाया रह सकता है।

राजगीर सबसे ठंडा भी, सबसे गर्म भी

मंगलवार को बिहार में न्यूनतम तापमान 7.7 से 12.6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस राजगीर में रिकॉर्ड किया गया। हैरानी की बात यह रही कि अधिकतम तापमान भी शेखपुरा और राजगीर में ही सबसे अधिक 19 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में कुछ देर धूप निकलने से हल्की राहत जरूर मिली, लेकिन शाम चार बजे के बाद ठंडी हवाओं ने असर दिखाना शुरू कर दिया।

25 जिलों में अलर्ट, विजिबिलिटी घटी

मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने 31 दिसंबर को राज्य के 25 जिलों में कोल्ड-डे और घने कुहासे का अलर्ट जारी किया है। उत्तर, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के कई जिलों में सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रहने की संभावना है। वाल्मीकिनगर में विजिबिलिटी घटकर 700 मीटर तक पहुंच गई, जबकि पूर्णिया में पहले ही 600 मीटर तक दृश्यता दर्ज की गई, जिससे जनजीवन और यातायात प्रभावित हुआ।

धूप के बावजूद ठंड क्यों बढ़ रही है?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, साफ मौसम में धरती की सतह की गर्मी तेजी से आकाश में निकल जाती है, जिससे रात और सुबह तापमान और नीचे चला जाता है। ऊपर से उत्तर से बह रही ठंडी पछुआ हवाएं इस असर को और बढ़ा रही हैं। इसी वजह से कई इलाकों में धूप निकलने के बावजूद ठिठुरन बनी हुई है।

स्कूलों पर भी पड़ा असर

कड़ाके की ठंड को देखते हुए पटना जिले में सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा आठ तक की पढ़ाई 2 जनवरी तक बंद कर दी गई है। कक्षा आठ से ऊपर की कक्षाएं सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक संचालित होंगी। प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे, हालांकि बोर्ड और प्री-बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित गतिविधियां जारी रहेंगी।

कुल मिलाकर बिहार में ठंड का प्रकोप फिलहाल थमने के आसार नहीं हैं। घना कोहरा, कोल्ड-डे और गिरता तापमान नए साल के स्वागत को भी कंपकंपाती ठंड में बदल सकता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है।

Read More News

Read More