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किशनगंज:- सदर अस्पताल में वर्षों से सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्य कर रहे भूतपूर्व सैनिकों ने नई सुरक्षा एजेंसी द्वारा हटाए जाने के बाद जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। इस संबंध में भूतपूर्व सैनिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विशाल राज और डॉ. राजकुमार चौधरी को आवेदन सौंपकर रोजगार बहाल कराने की अपील की।
आवेदन में कहा गया है कि वे लंबे समय से एक निजी सुरक्षा एजेंसी के माध्यम से सदर अस्पताल में सुरक्षा सेवाएं दे रहे थे। हाल ही में अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा इलाइट फलकॉन्स प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया है। नई एजेंसी ने 6 जून से अपने सुरक्षा कर्मियों की तैनाती शुरू कर दी, लेकिन पूर्व में कार्यरत भूतपूर्व सैनिकों को दोबारा नियुक्त नहीं किया गया।
वर्षों तक दी सुरक्षा सेवा
भूतपूर्व सैनिक नूर परवेज, ज्योतिश हांसदा, कलामुद्दीन, मोहिंदर मोदक, फनी लाल, बिपुल कुमार और विधान मुर्मू ने प्रशासन को बताया कि उन्होंने वर्षों तक अस्पताल परिसर, वार्डों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाई है।
उन्होंने कहा कि अचानक कार्यमुक्त किए जाने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उनका मानना है कि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में उनके अनुभव का लाभ मिलता रहा है, इसलिए पहले से कार्यरत भूतपूर्व सैनिकों और सुपरवाइजरों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
प्रशासन से की सहानुभूतिपूर्ण विचार की अपील
प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन से मांग की कि उनके अनुभव और सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें पुनः सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्य करने का अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि रोजगार छिनने से उनके परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
पहले भी विवादों में रही थी पुरानी एजेंसी
गौरतलब है कि सदर अस्पताल में सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराने वाली पूर्व एजेंसी समानता सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विस प्राइवेट लिमिटेड पर करीब 1.82 करोड़ रुपये के कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया था।
शिकायत के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जांच टीमों ने सुरक्षा गार्डों की वास्तविक संख्या और बिल भुगतान के विवरण में अंतर पाए जाने की पुष्टि की थी। जांच में अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन की बात भी सामने आई थी। इसके बाद अतिरिक्त भुगतान की राशि की वसूली और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
मामले में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक द्वारा संबंधित एजेंसी के प्रबंधक के खिलाफ थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। अब नई एजेंसी के कार्यभार संभालने के बाद पुराने सुरक्षा कर्मियों के रोजगार का मुद्दा जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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