News Saga Desk
बिहार व उत्तर भारत में ठंड की शुरुआत के साथ घने कोहरे ने रेलवे संचालन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। फॉग सेफ डिवाइस व अतिरिक्त मॉनिटरिंग के बावजूद दृश्यता कम होने से ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। सबसे बड़ा असर यात्रियों पर पड़ा है, क्योंकि पूर्व मध्य रेल ने 52 ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द करने का निर्णय लिया है। इन रद्द ट्रेनों का प्रभाव 1 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक रहेगा, जिससे अनुमानित 45 लाख यात्रियों की यात्रा योजनाएं बाधित होंगी। इनमें 20 ट्रेनें पटना होकर गुजरने या यहां से खुलने वाली हैं।
लंबी दूरी की प्रमुख ट्रेनें — तेजस, संपूर्ण क्रांति, राजधानी, विक्रमशिला और पूर्वी एक्सप्रेस — में एसी फर्स्ट क्लास की सीटें 6 जनवरी तक फुल हैं, जबकि वेटिंग सूची लगातार बढ़ रही है। दानापुर मंडल से गुजरने वाली कई ट्रेनें 2 से 7 घंटे तक देरी से पहुंच रही हैं। रेलवे का कहना है कि फॉग सेफ डिवाइस सभी इंजनों में उपलब्ध है, लेकिन कोहरा ज्यादा घना होने पर सुरक्षा के मद्देनज़र स्पीड सीमित करनी पड़ती है, जिससे संचालन प्रभावित होता है।
कौन–कौन सी ट्रेनें रद्द हुईं?
हावड़ा–देहरादून उपासना एक्सप्रेस, मालदा टाउन–नई दिल्ली एक्सप्रेस, पूर्णिया कोर्ट–अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस, कामाख्या–गया, कामाख्या–आनंद विहार, हटिया–आनंद विहार सहित लंबी दूरी की कई ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया गया है।
वहीं गरीब रथ, नॉर्थ ईस्ट, महानंदा, न्यू जलपाईगुड़ी–नई दिल्ली, पाटलिपुत्र–लखनऊ और पाटलिपुत्र–गोरखपुर एक्सप्रेस को सप्ताह में कुछ दिनों के लिए स्थगित रखा गया है।
कोहरे के कारण ट्रेनों की लेटलतीफी भी बढ़ गई है। कुंभ एक्सप्रेस 6 घंटे 51 मिनट, विभूति एक्सप्रेस लगभग 3 घंटे, आनंद विहार–राजगीर स्पेशल करीब 6 घंटे और राजगीर मेमू 2 घंटे से अधिक देरी से चली। अन्य कई ट्रेनें 30 मिनट से लेकर डेढ़ घंटे तक लेट रहीं। दानापुर मंडल की पंक्चुअलिटी पूर्व के 85% से घटकर 80% तक पहुंच गई है, हालांकि अन्य मंडलों की तुलना में यह बेहतर स्थिति है — बनारस मंडल में समय पालन 65% तक गिर गया है।
दिल्ली रूट सबसे ज्यादा दबाव में है। सीटों की डिमांड 30% तक बढ़ गई है और लंबी दूरी की टिकटों पर वेटिंग तेजी से बढ़ रही है। स्पष्ट है — सर्दी और कोहरा अब यात्रियों की रेल यात्रा को चुनौती देने लगा है।
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